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दिल्ली : नवरात्र में जंगल के जीवों को मिला नया ठिकाना, स्वागत के साथ ही पाया नया नाम

Sat, 09 Oct 2021 05:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

चिड़ियाघर में बाघिन और सिंह के जोड़े का किया गया नामकरण। केंद्रीय मंत्री ने नए मेहमानों का स्वागत करने के साथ किया नामकरण।
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नया मेहमान... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नवरात्र में दिल्ली चिड़ियाघर को 'महागौरी', 'शैलजा', 'अदिति' व 'सिद्धि' मिल गई हैं। वहीं, महेश्वर ने भी जू को अपना आशियाना बना लिया है। महाराष्ट्र के नागपुर व गुजरात के केवड़िया व सक्करबग से दिल्ली पहुंचे मेहमानों का केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने स्वागत किया। साथ ही इनको नया नाम भी दिया गया। चिड़ियाघर पहुंचने वाले दर्शक अब इनका दीदार कर सकेंगे। 

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दरअसल, एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत महाराष्ट व गुजरात के चिड़ियाघरों से पांच वन्यजीवों को बीते दिनों दिल्ली चिड़ियाघर लाया गया था। इनमें दो मादा सिंह व दो बाघिन है। वहीं, एक नर सिंह है। शुक्रवार को केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने पांचों वन्यजीवों का नामकरण किया। 

नवरात्र के मौके पर हुए आयोजन में इनको देवियों का नाम दिया गया। बाघिन का नाम अदिती और सिद्धी दिया गया है। इनको महाराष्ट्र के चांदपुर जिले की ब्रह्मपुरी वन मंडल से रेस्क्यू कर नागपुर चिड़ियाघर लाया गया था। फिर, यह बीते दिनों दिल्ली लाई गईं।दूसरी तरफ केवड़िया के चिड़ियाघर से दिल्ली पहुंची मादा सिंह का नाम महागौरी व शैलजा रखा गया। वहीं, सक्करबग से लाए गए नर सिंह का नाम महेश्वर रखा गया। 
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अधिकारियों का कहना है कि दोनों बाघिन की उम्र की करीब चार वर्ष है। वहीं, महेश्वर, महागौरी और शैलजा की उम्र करीब 15 महीने है। इन वन्यजीवों के बदले में दिल्ली चिड़ियाघर से दरियाई घोड़े के जोड़े को भेजे जाने का प्रस्ताव है।

बाघ प्रजाति की संख्या हुई चार, सिंह की पांच
नए मेहमानों के आने के बाद दिल्ली चिड़ियाघर में अब रॉयल बंगाल टाइगर की संख्या चार हो गई है। इसमें करण(आठ वर्ष), बरखा(छह वर्ष) पहले से ही यहां मौजूद थे, जिनके बाद दो और बाघिन पहुंच गई हैं। वहीं, यहां कुल सिंह की संख्या पांच हो गई है, जिसमें पहले से मौजूद सुंदरम (12 वर्ष) व हेमा (सात वर्ष) और महेश्वर, शैलजा और महागौरी नए पहुंचे हैं।

इसके अलावा यहां सफेद बाघ की संख्या पांच है। इसमें तीन नर व दो मादा बाघिन हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष यहां सिंह प्रजाति में अमन और अकीला की मौत हो गई थी। वहीं, सुंदरम को भी लकवा मार गया था।

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