मुख्यमंत्री ने कहा, दिल्ली हर साझा पहल में देगी साथ, क्षेत्रीय समस्याओं का मिलकर खोजेंगे हल
उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में वायु प्रदूषण, यमुना सफाई और जल साझेदारी पर रखे अहम सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वायु प्रदूषण, यमुना सफाई, पेयजल आपूर्ति और क्षेत्रीय परिवहन जैसे मुद्दों पर पड़ोसी राज्यों और केंद्र का साथ मांगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली और एनसीआर की समस्याएं साझा हैं और इनके लिए सामूहिक जिम्मेदारी और साझेदारी ही स्थायी समाधान दे सकती है।
फरीदाबाद में आयोजित 32वीं उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण, यमुना सफाई और पानी की उपलब्धता जैसे मुद्दे किसी एक राज्य के नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर के हैं। इसलिए सभी राज्यों को एकजुट होकर इनका हल निकालना होगा। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले वायु प्रदूषण पर चिंता जताई और कहा कि दिल्ली की हवा पर पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने का बड़ा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश द्वारा पराली प्रबंधन में हुई प्रगति की सराहना की लेकिन कहा कि पंजाब से आने वाला धुआं अब भी काफी अधिक है, जिससे हालात बिगड़ते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पड़ोसी राज्य मिलकर पराली जलाने पर सख्ती दिखाएं और वैकल्पिक उपायों को बढ़ावा दें।
पड़ोसी
राज्य भी ई-परिवहन बढ़ाएं तो बेहतर
उन्होंने बताया कि दिल्ली अपनी सभी बसों को इलेक्ट्रिक मोड पर ला रही है, जिससे प्रदूषण में बड़ी कमी आई है। उन्होंने एनसीआर के अन्य शहरों से भी अपील की कि अंतरराज्यीय बसें, टैक्सियां और ऑटो जल्द से जल्द इलेक्ट्रिक मोड पर लाए जाएं, ताकि पूरे क्षेत्र में वायु गुणवत्ता बेहतर हो सके।
यमुना सफाई में हरियाणा का मिला साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली और हरियाणा दोनों सरकारें मिलकर यमुना सफाई पर काम कर रही हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सहयोग की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना में गिरने वाले सभी नालों को ट्रैप करना, जहां जरूरत हो वहां सीवर लाइन बिछाना, डी सिल्टिंग का काम पूरा करना और आधुनिक एसटीपी स्थापित करना बेहद जरूरी है, ताकि साफ पानी ही नदी में जाए। उन्होंने बहादुरगढ़, झज्जर और गुरुग्राम से आने वाली ड्रेनों के प्रभावी प्रबंधन के सुझाव दिए।
नए सिरे से हो जल साझेदारी समझौता
पानी की सप्लाई पर मुख्यमंत्री ने 1994 के जल साझेदारी समझौते के नवीनीकरण की मांग रखी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की आबादी तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में दिल्ली को मिलने वाले यमुना जल का हिस्सा 980 एमजीडी से बढ़ाकर 1250 एमजीडी किया जाना चाहिए। साथ ही रेनुकाजी, लखवार और किशाऊ डैम परियोजनाओं को फास्ट ट्रैक करने की जरूरत बताई। परिवहन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आरआरटीएस सहित कई क्षेत्रीय परियोजनाओं में दिल्ली का लंबित निवेश पूरा किया जा रहा है। दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हर साझा पहल में सक्रिय और समर्पित रहेगी।