राजधानी के लिए कलंक बन चुकी प्रदूषण की समस्या को अपने इलाके में दूर करने के लिए एनडीएमसी कई कदम उठाएगी। वह प्रदूषण से अपने इलाके को निजात दिलाने की कवायद आरंभ करने का निर्णय लिया है। वह अगले साल इस दिशा में कई योजनाओं पर कार्य करेगी। एनडीएमसी के अध्यक्ष धमेंद्र ने शुक्रवार को अपना बजट प्रस्तुत करने के दौरान इन योजनाओं का ऐलान किया।
एनडीएमसी ने प्रदूषण कम करने की दिशा में पेट्रोल और डीजल आधारित कारों की खरीद को रोकने और भविष्य में केवल इलेक्ट्रिक कारों की ही खरीद करने का संकल्प लिया है। वहीं उसने साठ से अधिक ई-चार्जिंग स्टेशनों की शुरुआत की है और अगले वर्ष इस मामले में 100 से अधिक की वृद्धि कर रही है। ई-स्कूटर का एक बेड़ा इस साल स्मार्ट बाइक के पूरक के रूप में तैनात करने की योजना है। साइकिल-इन-सिटी योजना से कार्यालय जाने वालों को सुरक्षित और आनंददायक तरीके से साइकिल चलाने की सुविधा के लिए समर्पित साइकिल ट्रैक पूरा किया जाएगा।
एनडीएमसी ने खुद को देश के 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा नगर निकाय के रूप में स्थानांतरित करने की महत्वाकांक्षी यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया है। समानांतर में एनडीएमसी सौर ऊर्जा सहित केवल अक्षय ऊर्जा प्रदाताओं के साथ नए खरीद समझौते कर रही है। वहीं, नई दिल्ली इलाके के रफी मार्ग, कृषि भवन, उद्योग भवन, निर्माण भवन और राजाजी मार्ग को जोड़ने वाले न्यू मोती बाग से उत्तर और दक्षिण ब्लॉक तक एक साइकिल ट्रैक की परियोजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
हाईटेक तरीके से शिक्षा मुहैया होगी
एनडीएमसी ने कोरोना को एक अवसर के रूप में लिया और अपने सभी छात्रों के लिए घर पर स्कूली शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का लाभ उठाया। डिजिटल संसाधनों को जरूरतमंद बच्चों तक पहुंच बढ़ाने के लिए न केवल इंटरनेट डेटा पैक शुल्क प्रदान किया, बल्कि चार स्कूलों में 10वीं और 12वीं कक्षा के 811 छात्रों को टैबलेट वितरित किए। अगले वित्त वर्ष में 4000 टैबलेट और वितरित करने की योजना है, जिससे विद्यार्थी ऑनलाइन भी शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। अगले वर्ष कक्षा एक से पांच तक की सभी कक्षाओं को स्मार्ट कक्षाओं में परिवर्तित किया जाएगा। मूल्यांकन के उद्देश्य से सभी माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में एक टैबलेट आधारित स्मार्ट क्लास स्थापित की जाएगी। 10 स्कूलों में एक प्रकृति आधारित कक्षा कक्ष स्थापित किया जाएगा। पांच स्कूलों में साइकिलिंग क्लब स्थापित किए जाएंगे। स्कूलों में विज्ञान पार्क, पेपर रीसाइक्लिंग प्लांट सीबीएसई की ओर से मान्यता प्राप्त व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत और सभी स्कूलों में भाषा विज्ञान प्रयोगशालाएं बनाने का प्रस्ताव है।
सड़कों पर विदेशों जैसी सुविधा होगी
एनडीएमसी स्मार्ट कूड़ेदान स्थापित करते का दूसरा चरण मार्च 2022 में शुरू करेगी। स्मार्ट सड़कों में आधुनिक कियोस्क, स्ट्रीट फर्नीचर, पार्किंग सुविधाएं, इलेक्ट्रिक पोल और सिटिंग प्लाजा का प्रावधान होगा। सभी कियोस्क के संशोधन के लिए एक आदर्श और मानक कियोस्क के प्रस्ताव को तैयार किया जाएगा। स्मार्ट बस क्यू शेल्टर योजना की आरएफपी को दिल्ली परिवहन निगम के परामर्श से इस वित्तीय वर्ष में अंतिम रूप दिया जाएगा। महिलाओं के लिए पांच गुलाबी शौचालयों का निर्माण किया है। ऐसे शौचालयों बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा थर्ड जेंडर के लिए एक शौचालय का निर्माण किया है। उनके लिए कई शौचालय बनाने की योजना बनाई गई है। नेहरू पार्क में 2.7 किमी जॉगिंग ट्रैक के लिए ईपीडीएम आधारित रबर ट्रैक बनाया जाएगा। इसी तरह के ट्रैक संजय पार्क के साथ-साथ सभी खुले जिमों में भी बनाए जाएंगे। पब्लिक आर्ट के लिए एक योजना 'आर्ट विद हार्ट', के तहत प्रमुख गोल चक्करों और अन्य प्रमुख स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से थीम आधारित मूर्तियां या कलाकृतियों को स्थापित किया जाएगा।
24 घंटे सात दिन पेयजल आपूर्ति देने की कवायद
एनडीएमसी ने अपने इलाके में 24 घंटे सातों दिन पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस कड़ी में वह एनआरडब्ल्यू (गैर-राजस्व) पानी की कमी पर ध्यान केंद्रित करते हुए एएमआई वॉटर मीटर जैसी नई तकनीक लाएगी।
बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने पर जोर
एनडीएमसी बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की कड़ी में आयुष मंत्रालय के सहयोग से एक अनुसंधान केंद्र के साथ 50 बिस्तरों वाला आयुष अस्पताल स्थापित करेगी। इसके लिए 30 हजार वर्ग फुट का एक भूखंड आवंटित किया गया है। चरक पालिका अस्पताल (सीपीएच) में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी और आपदा वार्ड का निर्माण प्रगति पर है और वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा कोरोना महामारी में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए शहीद भगत सिंह प्लेस में मौजूदा सुविधा केंद्र को नागरिक लाउंज के रूप में अपग्रेड करेगा। इसके अनुभव के आधार पर कुछ अन्य सुविधा केंद्र भी ऐसी ही सुविधाओं के साथ शुरू किए जाएंगे।
स्वच्छता पर ध्यान के लिए कई योजना आरंभ होगी
एनडीएमसी स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में कचरा मुक्त शहर में 7 स्टार रेटिंग और वाटर++ प्रमाणन में भाग लेगी। इस दिशा में उसने शून्य अपशिष्ट (जीरो वेस्ट) कार्यक्रम आयोजित करने की पहल की है। इलाके को कूड़ेदान मुक्त शहर बनाने और भूमिगत कूड़े के डिब्बे प्रदान करने के लिए (स्वच्छ सर्वेक्षण के कचरा मुक्त शहर के लिए 5 से 7 स्टार रैंकिंग की आवश्यकता के अनुसार) जन स्वास्थ्य विभाग चरणबद्ध तरीके से सभी स्थानों पर भूमिगत कूड़ेदान स्थापित किए जाएंगे।
एनडीएमसी को वर्ष 2021-22 में 3814.30 करोड़ रुपये और वर्ष 2022-23 में 4381.43 करोड़ की आय होने की उम्मीद है, जबकि वर्ष 2020-21 में 3915.79 करोड़ रुपये की आय हुई थी। वहीं वर्ष 2021-22 में 3678.45 करोड़ रुपये और वर्ष 2022-23 में 4202.48 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। वर्ष 2020-21 में 3236.70 करोड़ रुपये की आय हुई थी।