जेएनयू कुलगुरु शांतिश्री धुलिपुडी पंडित की दलित समुदाय के खिलाफ कथित टिप्पणियों से जुड़ी शिकायत पर दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) को आठ सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
जेएनयू कुलगुरु शांतिश्री धुलिपुडी पंडित की दलित समुदाय के खिलाफ कथित टिप्पणियों से जुड़ी शिकायत पर दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) को आठ सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने एक छात्र की याचिका का निपटारा करते हुए आयोग को निर्देश दिया कि वह छात्र की 24 फरवरी और 15 मार्च 2026 की शिकायतों पर विचार करके फैसला करे।
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याचिकाकर्ता धनंजय ने आरोप लगाया था कि उसकी शिकायतों पर आयोग की ओर से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। उसने 24 फरवरी को शिकायत दर्ज कराने के बाद पांच मार्च को रिमाइंडर ई-मेल भी भेजा था। इसके बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर उसने हाईकोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। अदालत ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आयोग को शिकायतों पर कानून के अनुसार विचार करने का निर्देश दिया।