उच्च न्यायालय ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी के मामले में गिरफ्तार कारोबारी नवनीत कालरा की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उन्होंने निचली अदालत को उनकी जमानत पर जल्द निर्णय लेने का निर्देश देने का आग्रह किया था। अदालत ने कहा कि कानून को उसका काम करने दीजिए।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कालरा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते समय निचली अदालत द्वारा की गई टिप्पणियों में हस्तक्षेप करने से भी इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अदातलों द्वारा की गई टिप्पणियों और मीडिया संगठनों द्वारा उनकी रिपोर्टिंग किये जाने के बारे में उच्चतम न्यायालय पहले ही कानूनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। कालरा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने कहा कि उन्होंने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जो उनकी गिरफ्तारी के बाद निष्प्रभावी हो गई है।
दरअसल बृहस्पतिवार को कालरा ने न्यायमूर्ति प्रसाद के समक्ष अग्रिम जमानत आवेदन दायर किया था। अदालत ने मामले की सुनवाई मंगलवार के लिए तय थी, उधर कालरा के गिरफ्तार होने पर याचिका निष्प्रभावी हो गई।
निचली अदालत ने सोमवार को कालरा को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजते हुए कहा था कि कोरोना वायरस महामारी के बीच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी और जमाखोरी के आरोपों के संबंध में उनको हिरासत में लेकर पूछताछ की जानी जरूरी है। कालरा को सोमवार रात गुरुग्राम में पकड़ा गया था और सोमवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
कालरा के स्वामित्व वाले रेस्तरांओं खान चाचा, टाउन हॉल और नेगे एंड जू से कुछ दिन पहले 524 ऑक्सीजन सांद्रक बरामद हुए थे, जिसके बाद से कालरा फरार था।सत्र अदालत ने 13 मई को उसे अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था।