कोरोना काल में पिछले एक साल से घर बैठे पढ़ाई कर रहे तकनीकी कॉलेजों के छात्रों को सरकार ने रोजगार से जोडने की पहल की है। किताबी ज्ञान के साथ-साथ उनमें रोजगार से जोड़ने के लिए इंटर्नशिप के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। शुरुआत में 20 हजार छात्रों को वर्चुअल इंटर्नशिप दी जाएगी। इसके बाद 2025 तक एक करोड़ युवाओं को इसमें जोड़ना है।
इसमें 35 लाख युवाओं को सरकारी विभागों, 40 लाख एमएसएमई, 10 लाख स्टार्टअप इंटर्नशिप,15 लाख मल्टीनेशनल, रिसर्च व एनजीओ में करवायी जाएगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई)के चेयरमैन प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे के मुताबिक, इस इंटर्नशिप योजना के माध्यम से किताबी ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास में दक्ष किया जाएगा। इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने के मौके उपलब्ध करना भी होगा।
इस योजना के पहले चरण में 20 हजार से अधिक छात्रों को घर बैठे इंटर्नशिप का मौका मिल रहा है। इसके लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, सिसको और नैसकॉम मिलकर काम करेंगे। इस ऑनलाइन इंटर्नशिप का छात्रों को लाभ लेने के लिए एआईसीटीई के इंटर्नशिप पोर्टल पर इंटर्नशिप के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा।
भविष्य की जरूरतों के आधार पर तैयारी:
वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इंटर्नशिप योजना का मकसद तकनीकी कॉलेजों के छात्रों को डिग्री लेने के साथ भविष्य की जरूरतों के आधार पर तैयार करना है। किताबी ज्ञान से वे विषयों को तो समझ लेते हैं पर इंटर्नशिप में उन्हें प्रैक्टिकल नॉलेज मिलेगा।