दिल्ली नगर निगम के शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्यों और शिक्षकों की नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत निगम शिक्षकों का साल में केवल एक बार तबादला हो पाएगा। इसके लिए वह सितंबर में तबादले के लिए ऑन लाइन आवेदन कर पाएंगे। तबादला नीति में यह साफ किया गया है कि शिक्षकों को उनके मन मुताबिक स्कूलों में तैनाती नहीं मिल पाएगी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार, सभी स्कूलों में सामान्य तौर पर शिक्षकों और छात्रों का अनुपात बनाए रखा जाएगा। शिक्षक अपने मूल पद और स्थान पर तैनात किए जाएंगे। शिक्षकों को मौजूदा जोन में रिक्तियां नहीं होने पर नजदीकी जोन में भेजा जाएगा। किसी भी शिक्षक को उसके निवास स्थान के आस पास के क्षेत्र में तैनात नहीं किया जाएगा। उसकी तैनाती उसके निवास स्थान से करीब तीन किलोमीटर के दायरे के बाहर ही की जाएगी।
एक शिक्षक को एक स्कूल में कम से कम तीन साल सेवा करनी होगी। एक परिवार के दो सदस्यों को एक स्कूल में तैनात नहीं किया जाएगा। पति, पत्नी या रिश्तेदारों को एक स्कूलों में तबादला नहीं दिया जाएगा। ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल पर प्राप्त सभी आवेदनों की जांच शिक्षा विभाग की प्रमुख शाखा द्वारा किया जाएगा। विभाग की तरफ से स्वीकृति मिलने के बाद एमसीडी के आधिकारिक पोर्टल पर इसे अपलोड किया जाएगा।
बालिका विद्यालय में नहीं होगी पुरुष शिक्षकों की तैनाती
नई तबादला नीति में साफ किया गया है कि एमसीडी का प्रयास होगा कि बालिका विद्यालय में कोई भी पुरुष शिक्षक या प्रधानाध्यापक तैनात न हो। 10 साल से अधिक समय से एक ही स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों के स्थानांतरण को प्राथमिकता दी जाएगी। अगले एक साल के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक का तबादला नहीं होगा, जब तक कि शिक्षक ने खुद तबादले की मांग न की हो।