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मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले में दोषी एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी ने मांगी जांच रिपोर्ट

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नई दिल्ली। वर्ष 2006 के मुंबई ट्रेन बम विस्फोट मामले में एक दोषी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मामले में महाराष्ट्र सरकार की विस्फोटों की जांच की रिपोर्ट दिलवाने की मांग की है। इन विस्फोट में करीब 189 लोग मारे गए थे। याची ने याचिका में सीआईसी के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें आग्रह को खारिज कर दिया था। याची एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी को मौत की सजा सुनाई गई है।
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याची ने अदालत से आंध्र प्रदेश सरकार के उस दावे की जांच की मांग की है कि विस्फोट में इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) समूह शामिल था। 11 जुलाई 2006 को मुंबई में कई पश्चिमी लाइन की लोकल ट्रेनों में सात आरडीएक्स विस्फोट में 189 लोग मारे गए और 829 घायल हुए। सिद्दीकी ने दावा किया है कि धमाकों के मामले में उन्हें झूठा फंसाया गया था और इसलिए यह उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
न्यायमूर्ति नवीन चावला के समक्ष याची के वकील ने 2019 के उच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उन मामलों में कुछ जानकारी प्रदान की जा सकती है जिनमें मानव अधिकारों का उल्लंघन होता है। अदालत ने याची के अधिवक्ता अर्पित भार्गव को उक्त आदेश की प्रति पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 13 जनवरी, 2021 को तय कर दी।
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केंद्र सरकार के वकील राहुल शर्मा और गृह मंत्रालय की ओर से पेश सीके भट्ट ने याचिका पर विरोध जताते हुए कहा कि मांगी गई जानकारी प्रदान नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि पूर्व में याची आरटीआई के तहत इसी तरह के कई अनुरोध कर चुका है।
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