नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास के बाहर चल रहे धरना-प्रदर्शन के खिलाफ उनके पड़ोसियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने पुलिस को क्षेत्र में यातायात सुचारु रूप से चलाने की व्यवस्था करने व पुलिस आयुक्त सहित अन्य के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने की मांग की है। अदालत ने नोटिस जारी कर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेव ने पुलिस को 17 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याची सिविल लाइन रेजीडेंटस एसोसिएशन की और से पेश अधिवक्ता ने तर्क रखा कि दिल्ली पुलिस ने सीएम आवास क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी थी। इस वजह से पुलिस ने बेरीकेडिंग कर रखी है जिससे सड़क जाम हो गई और स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा पहले से ही अदालत कई बार आदेश दे चुकी है कि मुख्यमंत्री आवास के आसपास प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रीय लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। बावजूद पुलिस ने बेरीकेडिंग कर रखी है। उन्होंने कहा पुलिस को निर्देश दिया जाए कि इलाके में यातायात सुचारु रूप से चलाने की व्यवस्था करे व धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाए। पुलिस के खिलाफ पिछले आदेश का पालन न करने पर अवमानना कार्रवाई की जाए।
दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा इलाके में धरना-प्रदर्शन चल रहा है और शांति भंग होने की संभावना है। क्षेत्रीय पुलिस पूरी व्यवस्था बनाने में लगी हुई है। ऐसे में जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय प्रदान दिया जाए।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर दिल्ली नगर निगम के तीनों मेयर पिछले कुछ दिनों से धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक दिल्ली नगर निगम को उसके हक का 13 हजार करोड़ रुपये नहीं मिल जाते, तब तक धरना जारी रहेगा। इस धरना प्रदर्शन के कारण स्थानीय लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।