केंद्र सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता कीर्तिमान सिंह ने अदालत को बताया कि एनपीपीए ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत निर्धारित करने के लिए फॉर्मूला तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यह मार्जिन को कम करने के लिए पीठ द्वारा पहले सुझाए गए तर्ज पर काम कर रहा है। पिछली सुनवाई पर उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से यह बताने के लिए कहा था कि वह ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के एमआरपी तय करने के लिए एक फार्मूला क्यों नहीं तय किया जा रहा।
पीठ ने कहा कि वे सरकार से रुपये या पैसे में कीमत तय करने के लिए नहीं कह रहे, बल्कि एक फार्मूला बनाने को कह रहा है जिस पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उत्पाद के कीमत, जीएसटी, सीमा शुल्क और 15 फीसदी मुनाफा को आधार बनाकर फॉर्मूले बनाया जा सके। पीठ ने सरकार को दिल्ली निवासी मनीषा चौहान की याचिका पर सरकार को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत तय करने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि कीमत तय नहीं होने से इसका कालाबाजारी हो रहा है।