वहीं, एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग म्यूकरमाइकोसिस, कैंडिड और एस्पोरोजेनस संक्रमण से संक्रमित होते हैं। ये फंगस मुख्य रूप से नसें, नाक, आंखों के आसपास की हड्डी में पाए जाते हैं और मस्तिष्क में प्रवेश कर सकते हैं। कभी-कभी फेफड़ों (पल्मोनरी म्यूकरमाइकोसिस) या जठरांत्र संबंधी मार्ग में पाए जाते हैं।
डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि कुछ लक्षण हैं जो कोरोना संक्रमण के बाद देखे जाते हैं। यदि लक्षण 4-12 सप्ताह तक देखे जाते हैं, तो इसे ऑनगोइंग सिम्प्टोमैटिक कोविड या पोस्ट-एक्यूट कोविड सिंड्रोम कहा जाता है। यदि लक्षण 12 सप्ताह से अधिक समय तक दिखाई देते हैं, तो इसे पोस्ट-कोविड सिंड्रोम कहा जाता है।