अदालत ने एक हजार रुपये के मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी चीनी नागरिक को जमानत प्रदान की है। अदालत ने आरोपी को गूगल मैप पर पिन ड्रॉप करने का निर्देश दिया है ताकि जांच एजेंसी को उसकी लोकेशन की जानकारी रहे।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने आरोपी लू सांग को जमानत प्रदान करते हुए इस बात पर गौर किया कि मुकदमे की सुनवाई में लंबा समय चलेगा। वहीं आरोपी के भागने की भी कोई शंका नहीं है।
अदालत ने आरोपी को बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाने और पासपोर्ट कोर्ट में जमा कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा आरोपी को जांच में सहयोग करने और केस की हर तारीख पर पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में अपराध की कमाई का स्रोत पता नहीं चल पाया है।
कोर्ट के समक्ष आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने कहा कि ईडी फंड का स्रोत पता लगाने और ये अपराध से हुई कमाई है, ये तय करने में नाकाम रही है। हालांकि मामले में जांच पूरी हो चुकी है। ऐसे में आरोपी को फिलहाल हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
अदालत ने हिरासत की अवधि, उसके फरार न होने की आशंका और जांच के कारण केस की सुनवाई में लगने वाले समय के मद्देनजर आरोपी लू सांग को जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने आरोपी को एक लाख रुपये का निजी मुचलका व इतनी ही राशि के दो जमानती पेश करने की शर्त पर ये राहत प्रदान की है।
ईडी के अनुसार आरोपी को 15 जनवरी को अपने व्यावसायिक साझेदार ली झेंगुआ के साथ मिलकर कथित रूप से मनी लांड्रिंग करने के आरोप में 15 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर मैसर्स सुनहारा बर्ड प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई जिसका इस्तेमाल मनी लांड्रिंग के लिए किया गया।