सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेजा। बृहस्पतिवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने परिजनों के आग्रह पर हार्दिक का शव बिना पोस्टमार्टम के ही परिवार को सौंप दिया। परिजनों ने निगम बोध घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है।
किसी को भी हादसे में हार्दिक की मौत का नहीं हो रहा यकीन
भला रस्सी से खेलते समय कैसे किसी के गले में फंदा लग सकता है। घटना को लेकर बृहस्पतिवार दिनभर लोग चर्चा करते रहे। लोगों का कहना था कि जिस तरह से हादसा हुआ, उस पर यकीन करना बेहद मुश्किल है। मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस रस्सी से हार्दिक रस्सी कूद रहा था। वह काफी बड़ी थी। वहीं पास में चारपाई भी खड़ी थी। ऐसे में बड़ी रस्सी चारपाई के पाए में फंसी और कूदने के दौरान हार्दिक के गले में फंदा लग गया। कूदने के कारण झटका लगने से बिना आवाज के ही उसकी मौत हो गई। पुलिस परिवार से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
वायु सेना में पायलट बनना चाहता था हार्दिक
हार्दिक की मौत के बाद से उसके परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। बेटे की मौत के बाद से लक्ष्मी देवी ने तो खाना-पीना भी छोड़ा हुआ है। एक परिजन ने बताया कि हार्दिक अपने पिता से वायु सेना में पायलट बनने की बात कहता था।
यू-ट्यूब पर भी वह हवाई जहाज और सेना से जुड़े वीडियो देखता था। सेना में जाने का अभ्यास करने की बात कर अक्सर हार्दिक रस्सी कूदता था। घटना के बाद लक्ष्मी बार-बार रोते हुए यही कहे जा रही थी कि उसने समय पर जाकर क्यों नहीं देखा। हार्दिक पढ़ने में बहुत होशियार था। हमेशा उसके 90 फीसदी से ज्यादा अंक आते थे। उसकी मौत के बाद रिश्तेदारों का भी रोते-रोते बुरा हाल था।