जामिया नगर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान संदेह होने पर चालक का फोटो खींचा तो कुछ ही सेकेंड में पता लग गया कि कार चालक वाहन चोर है। ये सब फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) से संभव हुआ। पुलिस ने व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम में कार का रजिस्ट्रेशन नंबर डाला तो कार भी चोरी की निकली। सड़क पर ही वाहन चोर व चोरी की कार होने का कुछ ही पल में पता लग गया। जामिया नगर पुलिस ने वाहन चोर को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के समय वाहन चोर कार को उत्तर प्रदेश के बरेली में बेचने ले जा रहा था।
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा के अनुसार जामिया नगर थाने में तैनात हवलदार नेमीचंद व सिपाही रामअबतार की टीम 24 सितंबर की रात नौ बजे ओखला हैड पर पिकेट लगाकर चेकिंग कर रही थी। जामिया नगर थानाध्यक्ष केपी मलिक ने पुलिस स्टाफ को फेस रिकग्निशन सिस्टम व दिल्ली पुलिस व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम इस्तेमाल करने के निर्देश दिए थे।
चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों को रात नौ बजे मारूति ईको कार संदिग्ध हालत में आती हुई दिखाई दी। चालक को रोका तो उसने अपनाा नाम हमदर्द दवाखाना निवासी शाहिद बताया। पुलिसकर्मियों ने एफआरएस सिस्टम से शाहीद का फोटो खींचा तो पता लगा कि वह वाहन चोर है। उसके खिलाफ पहले से वाहन चोरी का एक मामला दर्ज है। पुलिसकर्मियों ने दिल्ली पुलिस व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम में कार का रजिस्ट्रेशन डाला तो पता लगा कि कार भी चोरी की है।
आरोपी ने बताया कि उसने कार एक साथी शाहरूख के साथ जामिया नगर इलाके से दो दिन पहले चुराई थी। उसने कार को चुराकर जामिया नगर इलाके में ही खड़ा कर दिया था। बृहस्पतिवार रात को वह कार को बेरली लेकर जा रहा था। जामिया नगर में रहने वाला शाहरूख गिरोह का सरगना है। वह वाहन को चुराकर शाहरूख को दे देता था। शाहरूख उसे एक कार चुराने के पांच हजार रुपये देता था। शाहरूख को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही हैं।
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में ई-बीट बुक सिस्टम लागू किया है-
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में ई-बीट बुक सिस्टम लागू किया है। इसमें जहां आरएफएस सिस्टम डाला हुआ है वहीं कई अन्य फीचर डाले हुए हैं। आरएफएस से फोटो खींचते ही अपराधी का सारा रिकार्ड ई-बीट के मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगा। ये भी पता लग जाएगा कि फलां बदमाश के खिलाफ कितने मामले दर्ज हैं। साथ में पुलिस ने एक एप के जरिए बीट अफसर के मोबाइल पर दिल्ली पुलिस व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम डाला है। इस सिस्टम में कार का रजिस्ट्रेशन नंबर डालने से पता लग जाएगा कि कार चोरी की है या नहीं।