नई दिल्ली। शकरपुर इलाके की एक संकरी गली में बने पांच मंजिला गेस्ट हाउस में रविवार सुबह आग लग गई। चूंकि आग बिल्डिंग के एंट्री पाइंट पर लगी थी, लिहाजा वहां से निकलने का रास्ता बंद हो गया। बिल्डिंग में धुआं और तपिश बढ़ी तो वहां मौजूद करीब 20 से 25 लोगों ने पहली मंजिल से कूदकर और कुछ ने छत पर जाकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की चार गाड़ियां पहुंच गईं। पौने दो घंटे में आग पर काबू पाया गया। हादसे में तीन लोग सागर राय (25), रुकसान (20) और इरफान (18) मामूली रूप से झुलस गए। उनको कैट्स की गाड़ी में मौके पर ही प्राथमिक उपचार देकर छुट्टी दे दी गई। पुलिस को पता चला है कि गेस्ट हाउस बिना दमकल विभाग की एनओसी के चलाया जा रहा था। पुलिस ने गेस्ट हाउस मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। 15 दिन पहले यहां पीजी चल रहा था। उसके बाद गेस्ट हाउस बना।
पूर्वी जिले के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रविवार सुबह 5.05 बजे सूचना मिली कि शकरपुर की गली नंबर-3 में मेट्रो पिलर नंबर-39 के पास गेस्ट हाउस में आग लग गई है। पुलिस के अलावा दमकल की चार गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। छह फुट की गली में साईं भवन के नाम बनी बिल्डिंग में स्थित गेस्ट हाउस में आग लगी थी। 200 गज की बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर के अलावा ऊपर पांच और मंजिल बनाकर वहां गेस्ट हाउस बनाया गया था। हादसे के समय स्टाफ और गेस्ट मिलाकर 20 से 25 लोग मौजूद थे। आग बिल्डिंग के एंट्री पाइंट के पास लगे बिजली के मीटर में लगी थी। इसके बाद वह धीरे-धीरे बढ़ते हुए रिसेप्शन और लॉबी में पहुंच गई। आग लगते ही अफरी-तफरी गई। ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद स्टाफ ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, लेकिन बिल्डिंग में धुआं भरने और सीढ़ियां होने के कारण ऊपरी मंजिलों पर लोग फंस गए।
कुछ लोगों को कोई रास्ता नहीं सूझा तो उन्होंने पहली मंजिल पर लगी खिड़की को तोड़ डाला और वहां से कूद गए। शोर-शराबा होने पर आसपास के लोग भी वहां इकट्ठा हो गए। बाकी लोग बिल्डिंग की छत पर पहुंच गए। वहां से उन्होंने पड़ोसियों की मिली हुई छत पर पहुंचकर जान बचाई। दूसरी ओर मौके पर पहुंचे बचाव दल ने मेन रोड पर दमकल की गाड़ियां खड़ी करने के बाद बिल्डिंग तक पानी के पाइप जोड़े। इसके बाद किसी तरह 6.50 बजे आग पर काबू पाया गया। हादसे में तीन लोग मामूली रूप से झुलस गए।
होटल अर्पित की तरह छत पर चल रहा था किचन
ढाई साल पहले करोल बाग के होटल अर्पित में लगी आग को लोग अभी भूले नहीं हैं कि रविवार को शकरपुर के गेस्ट हाउस में लगभग वैसे ही हालत बन गए थे। गेस्ट हाउस की छत पर किचन बनाकर मेहमानों को खाना परोसा जा रहा था। वहां भी घरेलू गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल हो रहा था। दूसरी ओर इतनी बढ़ी और ऊंची इमारत में महज एक और वह भी बेहद संकरी सीढ़ियां थी। ऐसे में आग लगने की सूरत में वहां से बच निकलने का रास्ता नहीं था। गनीमत यह थी कि हादसे के समय छत का दरवाजा भी खुला हुआ था। यदि वह बंद होता तो शायद हादसा और बड़ा हो सकता था।