सिसोदिया ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि सरकार को 2022 परीक्षाओं के परीक्षा प्रारूप पर चर्चा शुरू करने के लिए अगले महीने उच्च स्तरीय बैठक बुलानी चाहिए। सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अगले साल की तैयारी शुरु कर देनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बोर्ड परीक्षा आयोजित करने को लेकर 25 मई तक विस्तृत सुझाव मांगे थे।
बारहवीं की परीक्षाओं को कोरोना महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए स्थगित कर दिया गया था। सीबीएसई ने 15 जुलाई से 26 अगस्त के बीच परीक्षा आयोजित करने और सितंबर में परिणाम घोषित करने का प्रस्ताव रखा है।
बोर्ड ने दो विकल्प भी प्रस्ताव केरुप में दिए हैं। पहले से तय केंद्रों पर 19 प्रमुख विषयों के लिए नियमित परीक्षा आयोजित करना या स्कूलों में छोटी अवधि की परीक्षा आयोजित करना। सिसोदिया ने मंगलवार को अपने पत्र में कहा केंद्र द्वारा प्रस्तावित दो विकल्प कोरोना वायरस के नए तनाव से उत्पन्न चुनौतियों का जवाब नहीं हैं। छात्रों को परीक्षा के लिए तैयार रहने के लिए कहना न केवल असंवेदनशील है, बल्कि घातक भी है। इसलिए हमें टीकाकरण या परीक्षा रद्द करने पर विचार करना चाहिए।