दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल से सवाल किया है कि उन तक पहुंचने वाली फाइल पहले विपक्ष नेता तक क्यों पहुंची? यह फाइल मंडी समितियों के गठन से जुड़ीं हैं। केजरीवाल का कहना है कि फाइल को पहले बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता तक पहुंचाया गया जो गलत है।
विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक मंडी समितियों के गठन में नियमों की अवहेलना की गई थी। इसकी शिकायत लेकर वह उपराज्यपाल से मिले थे। एलजी अनील बैजल ने पहले अरविंद केजरीवाल की मंडी समितियों से जुड़ी फाइल लौटा दी थीं। अब फाइल विपक्ष नेता तक पहुंचाई गई हैं।
अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल अनील बैजल से इस संदर्भ में जवाब मांगा है। उन्होंने एलजी बैजल को चिट्ठी लिख कर यह सवाल पूछा है कि उपराज्यपाल के कार्यलय से मुख्यमंत्री को भेजे जाने वाली फाइल बीजेपी को पहुंचाया जाना कितना सही है?
इन छह मंडियों को लेकर है विवाद
सीएम अरविंंद केजरीवाल
असल में केजरीवाल ने दिल्ली में छह मंडी समितियों के गठन के लिए अनुमति मांगी थी। इन 6 मंडियों में आजादपुर, नरेला, केशोपुर, गाजीपुर सब्जी मंडी, गाजीपुर फूल मंडी और गाजीपुर मुर्गा मंडी शामिल हैं।
इनके लिए उन्होंने अनुमति की फाइल उपराज्यपाल बैजल को सौंपी थी लेकिन, फाइल लौटा दी गई जिससे सीएम और एलजी के बीच तकरार पैदा हो गई। उधर बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया है कि मंडी समिति गठन में नियमों की अवहेलना हुई है। विजेंद्र गुप्ता की शिकायत के बाद उपराज्यपाल ने फाइल को मुख्यमंत्री कार्यालय वापस लौटा दिया और जवाब मांगा था।
उपराज्यपाल को चिट्ठी लिख जताई नाराजगी
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मुख्यमंत्री का आरोप है कि बुधवार शाम को उपराज्यपाल कार्यालय से मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई फाइल पहले विपक्ष नेता विजेंद्र गुप्ता तक पहुंच गई। अगले दिन विजेंद्र ने अखबार को इसकी जानकारी दे दी।
केजरीवाल ने इसपर विरोध जताया और उपराज्यपाल को चिट्ठी लिख दी। अपने पत्र में केजरीवाल ने खबर की प्रति भी दी जिसमें विजेंद्र गुप्ता के मीडिया में दिए बयान भी शामिल हैं। बता दें कि दिल्ली में छह मंडी हैं जिनको लेकर उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच अनबन चल रही है।