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दिल्ली सरकार को झटका: कानून विभाग ने कई बिलों के भुगतान से किया इंकार, प्रधान सचिव ने सौंपी रिपोर्ट

Tue, 29 Nov 2022 05:10 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इसको केजरीवाल सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वित्तीय नियम और शर्तों के उल्लंघन के मामले में प्रधान सचिव ने दिल्ली के उपराज्यपाल, कानून मंत्री और मुख्यमंत्री को 57 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है। 
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अरविंद केजरीवाल (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के कानून विभाग ने लाखों रुपये के वकीलों द्वारा प्रस्तुत कई बिलों का भुगतान करने से इनकार कर दिया है। मंत्री कैलाश गहलोत ने वित्तीय नियमों और उनके अनुबंधों की शर्तों का खुले तौर पर उल्लंघन किया है। 

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सूत्रों के अनुसार, यह स्पष्ट है कि मंत्री गहलोत ने भुगतान से बचने के लिए जानबूझकर नियमों को तोड़ा और ऐसा करने के लिए कानून विभाग को दोष देने के लिए जरूरी आवश्यकताओं को पूरा करने के बारे में अच्छी तरह से जानते थे। इसको केजरीवाल सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वित्तीय नियम और शर्तों के उल्लंघन के मामले में प्रधान सचिव ने दिल्ली के उपराज्यपाल, कानून मंत्री और मुख्यमंत्री को 57 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है। वहीं मामले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वकीलों का वेतन रोकना गलत है। काम रोकने से वोट नहीं मिलेगा।
 

सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय में सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए वरिष्ठ वकीलों को काम पर रखने और भुगतान करने की स्थापित प्रक्रिया में वकीलों को उनकी भर्ती से पहले बकाया राशि का निर्धारण करना और वित्त विभाग से सहमत राशि का अनुमोदन प्राप्त करना शामिल है। सूत्रों के मुताबिक, फ़ाइल पर कानून मंत्री की सहमति प्राप्त करने के बाद ही किसी को काम पर रखा जा सकता है, जिसे पहले एलजी द्वारा प्रदान किया जाना चाहिए।

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