नई दिल्ली। राजधानी में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत का सरकारी आंकड़ा भले कुछ और हो, लेकिन श्मशान घाट पर तस्वीर अलग ही दिखाई दे रही है। दिल्ली में तीन अलग-अलग जोन में 25 श्मशान घाट हैं जहां बृहस्पतिवार को 483 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इन जगहों पर एक दिन में 655 शवों का अंतिम संस्कार करने की क्षमता है। इस तरह बृहस्पतिवार को 74 फीसदी क्षमता का इस्तेमाल किया गया।
जानकारी के अनुसार उत्तरी जोन इलाके में निगम बोध घाट सहित 10 श्मशान घाट हैं जहां एक दिन में 219 शवों का अंतिम संस्कार हुआ है। यहां एक दिन में 295 शवों के अंतिम संस्कार की क्षमता है। इसी तरह दक्षिणी दिल्ली जोन में नौ श्मशान घाट पर 289 शवों के अंतिम संस्कार की क्षमता है। यहां 226 शवों का अंतिम संस्कार हुआ। इनके अलावा पूर्वी दिल्ली जोन में छह श्मशान घाट पर 38 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। यहां एक दिन में 71 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है।
यहां वेटिंग की स्थिति
करोल बाग इलाके में पीके रोड श्मशान घाट पर एक दिन में 15 शवों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था है। बृहस्पतिवार को यहां अंतिम संस्कार के लिए वेटिंग देखने को मिली क्योंकि शवों की संख्या 23 थी। इसी तरह केपी जोन में बेरी वाला श्मशान घाट की क्षमता 12 है लेकिन यहां 13 शवों का अंतिम संस्कार हुआ। इनके अलावा मंगोलपुरी, पंजाबी बाग, द्वारका सेक्टर चार और कड़कड़डूमा श्मशान घाट पर सबसे अधिक वेटिंग देखने को मिल रही है। सबसे गंभीर स्थिति द्वारका सेक्टर चार श्मशान घाट पर देखने को मिली। यहां एक दिन में 23 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है, लेकिन बृहस्पतिवार को 32 का किया गया।
18 शवों को दफनाया
जानकारी के अनुसार दिल्ली के अलग-अलग कब्रिस्तान में बृहस्पतिवार को 18 शवों को दफनाया गया। सबसे अधिक मंगोलपुरी के क्रिश्चिन और मुस्लिम कब्रिस्तान में छह-छह शव दफनाए गए। आईटीओ स्थित कब्रिस्तान में चार और बुलंद मस्जिद कब्रिस्तान में दो शवों को दफनाया। हालांकि आईटीओ कब्रिस्तान पर आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है क्योंकि यहां कार्यरत कर्मचारियों के अनुसार 11 शवों को दफनाया है।