गणतंत्र दिवस पर प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड से पहले किसानों ने सोमवार को घोषणा की है कि एक फरवरी को बजट पेश करने के दौरान संसद को पहुंचने वाले अलग अलग रास्तों पर मार्च करेंगे। केंद्र की ओर से पेश किए जाने वाले बजट के पेश किए जाने से पहले भी किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द न किए जाने पर विरोध दर्ज कराएंगे।
क्रांतिकारी किसान यूनियन के दर्शन पाल ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसान, अभी भी तीनों नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर कायम हैं। मांगे पूरी होने तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। हम एक फरवरी को बजट के दिन विभिन्न स्थानों से संसद की ओर पैदल मार्च करेंगे।
मंगलवार की ट्रैक्टर रैली के बारे में कहा है कि यह ऐतिहासिक होगी, सरकार को किसानों की ताकत का एहसास भी होगा। परेड से यह बात भी साफ हो जाएगी कि यह आंदोलन केवल हरियाणा या पंजाब तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे देश का यह आंदोलन अब जन आंदोलन बन चुका है।
दर्शनपाल ने कहा कि किसानों की तरफ से किया जाने वाला मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा। दर्शनपाल ने कहा कि ट्रैक्टर परेड के लिए दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसान अपनी मांगों पर डटे हैं और विरोध का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।