नई दिल्ली। मध्य दिल्ली के दरियागंज इलाके में सिविल डिफेंस वॉलंटियर और इंजीनियर युवक ने साथियों संग एक युवक सादिक को अगवा कर लिया। उन्होंने उसके परिजनों से पांच लाख रुपये फिरौती मांगी। सादिक की पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से कुछ ही घंटों में सादिक को गाजियाबाद में डीएलएफ अंकुर विहार से बरामद कर लिया।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि इस मामले में गाजियाबाद के लोनी निवासी स्वप्निल (26), बागपत निवासी फरमान (22), लोनी निवासी विजय कुमार (25) और दिल्ली के रोहिणी निवासी अर्पित शर्मा (23) को गिरफ्तार किया गया है। स्वप्निल मैकेनिकल इंजीनियर है और फरमान सिविल डिफेंस वॉलंटियर। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल शेवरले क्रूज कार, चार मोबाइल, एक पिस्टल, दो कारतूस और नकदी बरामद हुई है। गिरोह का सरगना आकाश उर्फ सन्नी उर्फ हनी हाथ नहीं आया है।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार तड़के 3:30 बजे कार सवार बदमाशों ने दरियागंज सब्जी मंडी से सादिक को उस समय अगवा किया था, जब वह अपनी पत्नी के साथ कैब से आया था। करीब 5 बजे आरोपियों ने सादिक की पत्नी और उसके दोस्त सरफराज के मोबाइल पर कॉल कर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। सादिक की पत्नी की शिकायत पर एसएचओ दरियांगज इंस्पेक्टर संजय कुमार, स्पेशल इंस्पेक्टर ललित आदि की टीम ने जांच शुरू की। कॉल करने वाला नंबर स्विच ऑफ मिला। इस बीच आरोपी सादिक के मोबाइल से ही कॉल कर लगातार रुपये मांगते रहे। पुलिस टेक्निकल सर्विलांस से चंद ही घंटे बाद डीएलएफ, अंकुर विहार पहुंच गई और सादिक को सकुशल मुक्त करा लिया।
जांच में पुलिस को पता चला कि सादिक एक होटल में नौकरी करता था। वर्ष 2019 में बदमाश हनी ने उससे रंगदारी मांगी। सादिक ने उसके खिलाफ नबी करीम थाने में जबरन वसूली का मामला दर्ज करा दिया। तभी से हनी सादिक से रंजिश मानता था और बदला लेनेे की फिराक में था। सोमवार तड़के हनी के कहने पर ही चारों ने सादिक को अगवा किया था। स्वप्निल लॉकडाउन से पूर्व कुवैत में इंजीनियर था। कोरोना की वजह से वह भारत लौटा था। यहां रोजगार न होने से वह आपराधिक गतिविधियों में लग गया।