अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है और दूसरी तरफ जब विपक्ष के नेता मृतक किसानों के परिवार वालों से मिलने जा रहे हैं, तो उन्हें जेल में डाला जा रहा है। यह कौन सी आजादी का जश्न है, ऐसा तो अंग्रेज करते थे।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लखीमपुर खीरी मामले में यूपी सरकार पर निशाना साधा है। सरकार पर हत्यारोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से किसानों को इंसाफ दिलाने की मांग की है। सीएम ने सवाल उठाया कि अब तक किसानों की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
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बुधवार को मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे के दौरान सिर्फ कुछ किसानों को ही नहीं, देश के सभी किसानों को कुचला है। जाहिरा तौर पर उस गाड़ी ने पूरी सरकार और सिस्टम को ही कुचल दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है और दूसरी तरफ जब विपक्ष के नेता मृतक किसानों के परिवार वालों से मिलने जा रहे हैं, तो उन्हें जेल में डाला जा रहा है। यह कौन सी आजादी का जश्न है, ऐसा तो अंग्रेज करते थे। उन्होंने पूछा कि क्या इसीलिए हमारे पूर्वजों ने आजादी के लिए संघर्ष किया था और कुर्बानियां दी थीं। आखिर वहां ऐसा क्या है, जो छुपाया जा रहा है?
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फैसला प्रधानमंत्री को लेना है
अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री के संज्ञान में लाते हुए कहा कि पिछले एक साल से किसान बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर बैठे हुए हैं। अब तक 600 से ज्यादा किसानों की जान चली गई है और आज किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी जाती है, उन्हें कुचल कर मार डाला जाता है। केजरीवाल ने कहा कि किसानों से इतनी नफरत क्यों है? किसानों ने क्या बिगाड़ा है? आज सिस्टम के लोग कह रहे हैं कि उस गाड़ी में मंत्री का बेटा था ही नहीं।
एक हफ्ते के बाद पूरा सिस्टम कहेगा कि वहां पर तो गाड़ी ही नहीं थी और उसके बाद एक सप्ताह बाद सारा सिस्टम कहने लगेगा कि वहां पर तो किसान ही नहीं थे।
केजरीवाल के मुताबिक, आज हर देशवासी न्याय की मांग कर रहा है। फैसला प्रधानमंत्री को लेना है। सारा देश चाहता है कि जिन लोगों पर हत्या का आरोप है, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए और संबंधित मंत्री को आप कैबिनेट से तुरंत बर्खास्त हो। प्रधानमंत्री का पीड़ित परिवारों से मुलाकात करनी चाहिए। इससे पीड़ितों का मन हल्का होगा।