किर्गिस्तान की महिला मिस्कल जुमाबेवा(28) और उसके मासूम बेटे मानस (13 महीने) की हत्या से पर्दा पोस्टमार्टम के बाद भी नहीं उठा। एम्स में तीन डाक्टरों के बोर्ड ने महिला व उसके बेटे के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद डाक्टरों ने कुछ भी नहीं बताया। उनका विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
ऐसे में पुलिस की जांच हत्या व खुदकुशी के बीच उलझती नजर आ रही है। दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा का कहना है कि अभी इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि उनकी हत्या की गई या महिला ने बेटे की हत्या कर खुदकुशी की है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे उन्हें बताया जाएगा।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मिस्कल व उसके बेटे मानस का बुधवार को एम्स में पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों का शव मिस्कल के पति विनय चौहान और मिस्कल की बहन को सौंपा गया है। बहन दोनों के शवों को अपने देश किर्गिस्तान ले जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मतलुबा के घर के चारों तरफ के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल ली गई है। कहीं से भी कोई संदिग्ध मतलुबा के घर में आता-जाता नहीं दिखाई दे रहा है। मतलुबा की दो महिला दोस्त सुबह घर में जाती हुई दिखाई दे रही हैं। ये दोनों महिलाएं किगस्तान की है और मतलुबा की दोस्त हैं। वह अपना लगेज रखकर सवा दस बजे वापस चली गई थीं।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये दोनों ही महिलाएं मंगलवार शाम को मतलुबा के घर वापस आ गई थीं। पुलिस ने दोनों महिलाओं से भी पूछताछ की है। इन महिलाओं समेत अन्य लोगों से पूछताछ में कोई संदिग्ध बात अभी तक सामने नहीं आई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच दो बात पर झूल रही है कि एक तो एक महिला अपने शरीर पर चाकू से पांच बार कैसे वार कर सकती है और दूसरा कमरे की कुंडी अंदर से बंद थी। गौरतलब है कि मिस्कल व उसके बेटे मानस के-22बी मजिस्द मोठ, ग्रेटर कैलाश-दो में मंगलवार सुबह मृत मिले थे। दोनों के शव पलंग पर पड़े हुए थे। दोनों के शरीर पर छाती पर चाकू से चार से पांच वार किए गए थे।