नई शिक्षा नीति 2020 के तहत एमफिल प्रोग्राम को खत्म कर दिया गया है। इसी के तहत जेएनयू में भी आगामी शैक्षणिक सत्र में एमफिल प्रोग्राम में दाखिले नहीं होंगे। पूर्व में दाखिला ले चुके छात्रों की पढ़ाई जारी रहेगी।
जेएनयू शिक्षक संघ की सचिव प्रो. मौसमी बासु का कहना है कि अकेडमिक काउंसिल बैठक में काउंसिल के अध्यक्ष यानी कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने किसी को कुछ बोलने की अनुमति नहीं दी। कुलपति का कार्यकाल पूरा हो चुका है। अकेडमिक काउंसिल में किसी प्रस्ताव पर कार्यविस्तार वाला अध्यक्ष कैसे कोई बड़ा फैसला ले सकता है। यूजीसी से इस संबंध में जानकारी मांगी गई है पर अभी तक जबाव नहीं आया।
एजेंडा के प्रस्ताव पर कोइ्र चर्चा भी नहीं हुई। फरीदाबाद केएक मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट को डिप्लोमा सर्टिफिकेट देने का प्रस्ताव पास कर दिया । क्योंकि संबंधित संस्थान जेएनयू को आर्थिक मदद करेगा। जबकि विश्वविद्यालय के पास दो साल पहले निर्मित मैनेजमेंट सेंटर में शिक्षक तक पूरे नहीं है। इसके अलावा एनटीए द्वारा दाखिला प्रवेश परीक्षा लेने के शिक्षकों के सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया गया।