जेएनयू के कावेरी छात्रावास में एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हुई झड़प के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन ने सोमवार को कहा कि कैंपस में किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाशत नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से हिदायत दी गई है कि कोई भी छात्र किसी तरह से ऐसी किसी घटना में शामिल नहीं होना चाहिए, जिससे कि शांति एवं सद्भाव भंग हो। यदि कोई भी ऐसी घटना में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को रजिस्ट्रार की ओर से प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। मामले की गंभीरता को समझते हुए कुलपति, रेक्टर व अन्य अधिकारियों ने छात्रावास का दौरा करके छात्रों से मुलाकात की। कुलपति की ओर से कहा गया है कि कैंपस में किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। छात्रों को शांति व सद्भाव बनाकर रखना चाहिए। जेएनयू एक समृद्ध विरासत वाली संस्था है। जिसने पीढ़ियों को पोषित किया है। यह हमेशा स्वस्थ चर्चा ओर बहस की मजबूत संस्कृति के साथ अकादमिक और बौद्धिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। प्रशासन ने सभी से संयम बरतने की अपील की है। साथ ही बिना किसी बाहरी गड़बड़ी के जेएनयूए में अकादमिक माहौल को फलने फूलने देने के लिए कहा है।
क्या है पूरा विवाद
- कावेरी हॉस्टल में कुछ छात्रों ने नवरात्र के अंतिम दिन रविवार को रामनवमी पूजा और हवन का आयोजन किया था। हवन का समय साढ़े तीन बजे का था। वहीं, कुछ छात्रों ने हॉस्टल में ही शाम 5 बजे के बाद रोजा खोलने के लिए इफ्तार पार्टी रखी थी।
- कावेरी हॉस्टल कमेटी और छात्रों ने आपसी सहमति से एक साथ आयोजन का फैसला लिया था। रामनवमी की पूजा के समय हॉस्टल में बाहरी छात्र यानी की अन्य हॉस्टल के छात्र भी आ गए। इसी बीच करीब साढ़े चार के बाद रामनवमी की पूजा शुरू हुई।
- पूजा चल ही रही थी कि दूसरी ओर सामने इफ्तार पार्टी की तैयारी शुरू हो गई। इस इफ्तार पार्टी के लिए नॉनवेज भी रखा गया था। इस पर कुछ छात्रों ने आपत्ति की। उनका कहना था कि रामनवमी की पूजा चल रही है और नवरात्र का आखिरी दिन है, इसलिए हॉस्टल मेस के मेन्यू में नॉन-वेज को शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
- कावेरी हॉस्टल के ही दोनों पक्षों के छात्रों में अभी नॉनवेज हटाने पर बात हो रही थी कि अचानक पथराव शुरू हो गया। इतने में जेएनयू के अन्य हॉस्टल और कावेरी हॉस्टल के छात्र आपस में उलझ गए और विवाद मारपीट तक पहुंच गया।