जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय,नई दिल्ली
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वैश्विक महामारी कोरोना के बीच जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक मिसाल कायम की है। जेएनयू कैंपस में प्रशासन ने कोरोना मरीजों की दवा, गरम खाना, आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाने को एंबुलेंस की व्यवस्था के लिए अलग-अलग प्रोफेसर की टीम 24 घंटे ऑन डयूटी पर तैनात कर दी है। कैंपस के कोरोना मरीजों के लिए विशेष मोबाइल हेल्पलाइन नंबर भी जारी किये हैं,ताकि वे आपात स्थिति में सुविधा का लाभ उठा सकें।
कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने बृहस्पतिवार को बताया कि कैंपस में कोरोना मरीजों की सुविधा के लिए विशेष ध्यान रखा जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी जिम्मेदारी डॉ अनुजा और डॉ सौरभ शर्मा को दी है। कमेटी छात्रों, शिक्षकों और कर्मियों के संपर्क में है। इसके अलावा उनके परिवारों का भी ध्यान रखा जा रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते कुछ परिवारों में खाने बनाने की दिक्कत हो रही थी।
इसीलिए खाने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि बीमारी की हालत में उन्हें पोष्टिक और गरम खाना मिल सके। वैसे भी बीमारी के दौरान होटल का खाना सेहतमंद नहीं है। यदि शिक्षक और कर्मियों के परिवार इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं तो फिर उन्हें खाने के लिए न्यूनतम राशि देनी होगी। कोरोना परिवारों को उनके घर के गेट पर गरम खाना दिया जाएगा।
दिल्ली सरकार के दिशा-निर्देश के तहत लॉकडाउन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की कोविड-19 गाइडलाइन का पूरा पालन किया जा रहा है। जो लोग कोविड-19 आइसोलेशन सेंटर में जाना चाहते हैं, उसके लिए कैंपस में एबुलेंस की व्यवस्था की गई है। एक मई से 18 आयु से अधिक वालों के लिए कोविड-19 की वैक्सीन लगने शुरू होगी। इसके तहत कैंपस के सदस्यों को सरकार के ऑनलाइन पोटर्ल पर रजिस्ट्रेशन के लिए जागरूक किया जा रहा है, ताकि योग्य व्यक्ति उसका लाभ उठा सके।
घर और हॉस्टल में एक कॉल पर मदद:
दिल्ली में संक्रमण से हालात खराब है। इसी को ध्यान में रखकर कैंपस के सभी सदस्यों की सुरक्षा समेत जीवन बचाने की कोशिश है। इसलिए डॉ द्वारा लिखित कोरोना दवा, प्लाज्मा, आपात स्थिति में अस्पताल और एम्बुलेंस आदि के लिए जेएनयू की कमेटी , केमिस्ट आदि सबके मोबाइल नम्बर भी शेयर किये गए हैं।