नई दिल्ली। त्योहारों पर लोन वुल्फ हमले की साजिश रच रहा आतंकी अशरफ धर्म के नाम पर कई भारतीय युवाओं को जिहादी बना चुका है। वह पीर मौलवी बनकर उनके घर में पैठ बनाता था। यह भी कहा जा रहा है कि वह आतंकी ट्रेनिंग के लिए काफी युवाओं को पाकिस्तान भेज चुका है। उसने शास्त्री पार्क के पते पर वर्ष 2013 में पासपोर्ट बनवाया था। उसके पास राशन कार्ड और आधार कार्ड भी हैं।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वह कुरान की आयतें पढ़कर लोगों के इलाज का दावा करता था। युवकों को जिहादी बनने के लिए उकसाने के लिए उसने हाथ की सफाई सीख ली थी, जिसे वह जादू-टोना बताता था। अशरफ इलाज करने के बहाने लोगों के घर में घुसता और उनके अंधविश्वास का फायदा उठाता। इसके बाद वह परिजनों से दोस्ती गांठ घर के युवाओं को बरगलाकर जिहादी बनने के लिए उकसाता। वह युवकों से कहता था कि उसका मकसद पूरी दुनिया को इस्लाम में लाना है।
स्पेशल सेल अब जांच कर रही है कि अब तक वह कितने युवकों को आतंकी ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेज चुका है। उसने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह धर्म को आगे बढ़ाने के नाम पर पैसे वाले लोगों से चंदा भी लेता था। इस पैसे से वह स्लीपर सेल के काम आगे बढ़ाता था। इसने काफी लोगों से चंदा लिया था। पहचान छिपाने और ज्यादा से ज्यादा यवकों तक पहुंच बनाने के लिए वह एक जगह पर ज्यादा दिन नहीं रहता था। वह जल्दी ही अपना ठिकाना बदल देता था।