नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से परीक्षा ड्यूटी, संबद्धता और निरीक्षण ड्यूटी के लिए किए जाने वाले भुगतान के लिए शिक्षकों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह भुगतान छह महीने में नहीं बल्कि दो दिन के भीतर हो जाएगा। इसके लिए सीबीएसई ने एकीकृत भुगतान सिस्टम तैयार किया है। बोर्ड ने भुगतान करने के लिए डिजिटल होने की दिशा में ओर कदम बढ़ाते हुए इस सिस्टम को शुरू किया है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि भुगतान सीधेे तौर पर शिक्षकों के खाते में पहुंचेगा।
सीबीएसई (आईटी व प्रोजेक्ट) के विभाग के निदेशक डॉ. अंतरिक्ष जौहरी ने बताया कि यह एकीकृत भुगतान सिस्टम पूरी तरह से मानवीय त्रुटि रहित है। अब तक भुगतान की प्रणाली मैनुअल रूप से होती थी। इस कारण से बिल भुगतान की प्रक्रिया में पांच से छह महीने लग जाते थे। भुगतान प्रणाली की मैनुअल प्रकृति के कारण लंबी और समय लेने वाली प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।
सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों और सीटीईटी व भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी बोर्ड के पास है। ऐसी परीक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए प्रिंसिपल और शिक्षकों सहित करीब 10 लाख संकाय सदस्य अपनी सेवाएं देते हैं। इसी तरह स्कूल संबद्धता केे निरीक्षण के लिए करीब 10 हजार शिक्षकों, शैक्षिक प्रशासकों की भी नियुक्ति की जाती है। सभी को उनकी सेवाओं के लिए मानदेय, टीए, डीए का भुगतान इस सिस्टम के माध्यम से होगा। पहले भुगतान प्रक्रिया को पूरा होने में करीब 6 महीने लग जाते थे।
इस सिस्टम को बैंक के गेटवे से जोड़ दिया गया है। इससे ऑटोमैटिक केलकुलेशन हो जाता है, जिससे कि भुगतान मेें देरी नहीं लगती है और पारदर्शिता भी बनी रहती है।