फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईपीयू : नरेला में नया कैंपस बनाने की तैयारी, एजुकेशन हब में जमीन मिलने पर बनेगी रूपरेखा

Mon, 07 Mar 2022 05:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा रश्मि शर्मा, नई दिल्ली

सार

इस योजना के अमल में आनेे के बाद विवि के दिल्ली में तीन कैंपस हो जाएंगे। यह कैंपस नरेला में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से जमीन मिलने के बाद ही पूरा हो सकेगा। दरअसल, डीडीए की ओर से नरेला में दिल्ली का नया एजुकेशन हब बनना प्रस्तावित है। विवि इसी एजुकेशन हब में जमीन चाहता है।
विज्ञापन
demo pic
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) दिल्ली में अपने और कैंपस शुरू करने की तैयारी कर रहा है। विवि बाहरी दिल्ली स्थित नरेला में एक नया कैंपस बनाने की योजना पर पर काम कर रहा है। इस योजना के अमल में आनेे के बाद विवि के दिल्ली में तीन कैंपस हो जाएंगे। यह कैंपस नरेला में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से जमीन मिलने के बाद ही पूरा हो सकेगा। दरअसल, डीडीए की ओर से नरेला में दिल्ली का नया एजुकेशन हब बनना प्रस्तावित है। विवि इसी एजुकेशन हब में जमीन चाहता है।

विज्ञापन


 विवि के कुलपति प्रो. महेश वर्मा ने बताया कि नरेला में एक एजुकेशन हब बनना है। वहां अन्य शैक्षणिक संस्थान भी होंगे। ऐसे में चाहते हैं कि वहां दस-बीस एकड़ जमीन मिल जाए, जिससे कि हम वहां कुछ कोर्सेज शुरू कर सकें। उन्होंने बताया कि अभी यह योजना अधर में है। यह योजना कब तक पूरी होगी, इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। यह जमीन नरेला डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास है।

एजुकेशन हब में तैयार होनेे वाला कैंपस कैसा होगा और किस तरह के कोर्स शुरू होंगे इस पर उन्होंने कहा कि कोर्सेज की रूपरेखा हर साल बदलती है। रोजगार की जरूरत के अनुुसार ही यहां कोर्सेज शुरू होंगे। मालूम हो कि यह जमीन नरेला डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास है। यदि यहां कैंपस तैयार होता है तो यह नॉर्थ कैंपस कहलाएगा। इससे पहले द्वारका व पूर्वी दिल्ली स्थित सूरजमल विहार में एक कैंपस हैं। इसके साथ ही स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट लाने की तैयारी भी कर रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

डीयू: 12 कॉलेजों में बौद्ध अध्ययन विभाग खोलने की मांग

आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए ) ने डीयू के  12 कॉलेजों में बौद्ध अध्ययन विभाग व अंाबेडकर अध्ययन सेंटर खोलने की मांग की है। एसोसिएशन ने सीएम केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को पत्र लिखा है। एसोसिएशन का कहना है कि विभाग के खुलने से छात्रों व शिक्षकों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

डीटीए के अध्यक्ष  प्रोफेसर हंसराज सुमन ने कहा कि डीयू में बौद्ध अध्ययन विभाग की स्थापना वर्ष 1957 में हुई थी। देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक माना जाता है। साथ ही यूजीसी द्वारा सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज की मान्यता प्राप्त है, लेकिन बौद्ध अध्ययन डीयू के एक मात्र सत्यवती कॉलेज ( सांध्य ) में ही पढ़ाया जाता है, जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर श्रीलंका आदि देशों के छात्र हर साल स्नातकोत्तर, एमफिल /पीएचडी, डिग्री  व    डिप्लोमा कोर्स आदि करने के लिए डीयू के बौद्ध अध्ययन विभाग में दाखिला लेते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें