नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को दो समुदायों से संबंध रखने वाले प्रेमी जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश है। दोनों ने विवाह के लिए आवेदन दिया है और अपने परिवार से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है।
न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ताओं की बात व्यक्तिगत रूप से सुने ताकि उनके प्रति खतरे का आकलन कर जरूरी कदम उठाया जा सके।
इस जोड़े ने अदालत में आवेदन देकर युवती के परिवार से खतरे की आशंका जताते हुए सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे बालिग हैं और बीते चार वर्षों से एक दूसरे के साथ हैं।
उन्होंने कहा है कि युवती ने अपना घर अपनी मर्जी से छोड़ा है। सितंबर में इस जोड़े ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह के लिए आवेदन दिया था। युवती ने पुलिस अधिकारियों को अपना घर छोड़ने के बारे में और युवक के साथ अपने विवाह के बारे में भी सूचित किया था। प्रेमी जोड़े ने कहा कि पांच अक्तूबर को महिला के परिजन युवक के घर आए थे।
उन्होंने दबाव बनाना और धमकाना शुरू कर दिया। उन्होंने धमकी दी कि वह युवती को उसके घर वापस नहीं भेजेंगे तो वे लोग उन्हें झूठे मामलों में फंसा देंगे। अदालत में मौजूद युवती ने कहा कि वह अपने माता-पिता के घर नहीं जाना चाहती। अदालत ने उनका पक्ष सुनने के बाद पुलिस को उनसे व्यक्तिगत रूप से बात कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि युवक-युवती को बीट कांस्टेबल या संबंधित वरिष्ठ अधिकारी के मोबाइल नंबर मुहैया करवाए जाएं ताकि आपात स्थिति में वे पुलिस से संपर्क कर सकें।