युवक को फंसाने के लिए बेकसूर रिक्शा चालक की कर दी हत्या
नई दिल्ली। पत्नी से संबंध के शक में एक युवक को फंसाने के लिए पति ने साथियों के साथ मिलकर एक निर्दोष रिक्शा चालक की हत्या कर दी। गाजियाबाद निवासी आरोपियों अजीम, नंदू और हबीब ने मृतक गीता कॉलोनी निवासी आलम के नाम से सुसाइड नोट लिखकर उसमें फंसाने के लिए युवक फरमान का नाम लिख दिया। छानबीन के दौरान हत्या की बात सामने आई और पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद पति समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जिला पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या ने बताया कि घटना महेंद्र पार्क इलाके की है। 17 नवंबर को एक इमारत की तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर एक युवक के आत्महत्या करने की जानकारी मिली थी। युवक की मौत अस्पताल में हुई थी। जांच के दौरान इमारत की छत से एक सुसाइड नोट मिला। उसमें फरमान सहित चार लोगों को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। मौका मुआयना करने पर पुलिस को इमारत की तीसरी मंजिल पर काफी खून मिला। पास ही रखी एक ईंट पर भी खून लगा था। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मृतक की शिनाख्त गीता कॉलोनी निवासी आलम के रूप में हुई। वह पेशे से रिक्शा चालक था। परिवार वालों ने बताया कि आलम का फोन गायब है। पुलिस ने फोन को सर्विलांस पर लगाया, वहीं सुसाइड नोट के आधार पर फरमान से पूछताछ की। वह अशोक विहार स्थित बर्तन पॉलिस करने वाली फैक्टरी में काम करता था। उसने मृतक को पहचानने से इंकार कर दिया।
तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने लोनी गाजियाबाद निवासी अजीम, नंदू और हबीब को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अजीम की पत्नी उसी फैक्टरी में काम करती थी, जहां फरमान काम करता था। अजीम को शक था कि उसकी पत्नी के फरमान से संबंध हैं। इस बात को लेकर उसने पत्नी से मारपीट की थी। पत्नी की शिकायत पर उसे जेल जाना पड़ा था। जेल से निकलने के बाद अजीम, फरमान की हत्या करना चाहता था। इस काम में उसने बुआ के बेटे हबीब से सलाह ली। हबीब ने किसी अनजान व्यक्ति की हत्या कर उसे खुदकुशी दिखाकर फरमान को फंसाने की सलाह दी। हबीब ने मृतक के नाम से एक सुसाइट नोट लिखा। उसके बाद सामान पहुंचाने के बहाने आलम को महेंद्र पार्क ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस को हबीब के पास से मृतक का मोबाइल फोन मिला है, जिसमें उसने नंदू का सिम लगा लिया था। पुलिस के अनुसार अजीम का साथी नंदू भी वारदात में शामिल था।