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एक छत के नीचे सजेगा हिंदुस्तान: राजधानी में बनेगा पीएम एकता मॉल, देशभर के उत्पादों-कारीगरों को मिलेगा मंच

Tue, 10 Mar 2026 05:45 AM IST
Digvijay Singh धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली देशभर के उत्पादों और कारीगरों की भी राजधानी बनने जा रही हैं। इसका जरिया प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी पीएम एकता मॉल बनेगा।
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राजधानी में बनेगा पीएम एकता मॉल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली देशभर के उत्पादों और कारीगरों की भी राजधानी बनने जा रही हैं। इसका जरिया प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी पीएम एकता मॉल बनेगा। दिल्ली सरकार ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। एकता मॉल देश के विभिन्न राज्यों और जिलों के स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित और बेचने का बड़ा मंच होगा।

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इस पहल का उद्देश्य वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और मेक इन इंडिया जैसी पहलों को बढ़ावा देना है, ताकि देशभर के कारीगरों और शिल्पकारों को व्यापक बाजार मिल सके। इस मॉल में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए स्टॉल बनाए जाने की योजना है, जहां उनके स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित और बेचे जा सकेंगे। इसके अलावा यहां फूड कोर्ट, सांस्कृतिक और मनोरंजन गतिविधियों के लिए विशेष स्थान, प्रदर्शनी स्थल, सम्मेलन और कार्यक्रमों के आयोजन के लिए हॉल, सार्वजनिक सुविधाएं और पार्किंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। 

दिल्ली सरकार के पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) ने मॉल के निर्माण और परियोजना को पूरा करने की अवधि करीब 36 महीने रखी है। इसके लिए अनुभवी आर्किटेक्ट कंसल्टेंट का चयन किया जाएगा, जो परियोजना के लिए कॉन्सेप्ट प्लान, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य पूरा होने तक तकनीकी सहयोग देगा। प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई है। 
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केंद्र सरकार की विशेष सहायता योजना के तहत देश के विभिन्न राज्यों में ऐसे एकता मॉल विकसित किए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिले तथा कारीगरों को नए बाजार उपलब्ध हों। दिल्ली में बनने वाला यह मॉल भी इसी योजना के तहत विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए जारी आरएफपी के अनुसार इच्छुक कंसल्टेंट एजेंसियों को निर्धारित योग्यता और अनुभव के आधार पर चुना जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद यह मॉल न केवल देशभर के उत्पादों का एक प्रमुख बाजार बनेगा, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी नया केंद्र भी बनेगा। 

प्रस्तावित मॉल 1200 स्क्वायर मीटर में फैला होगा 
अधिकारियों ने बताया कि इस मॉल में अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 36 जगहें बनाने का प्रस्ताव है। यहां हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स के साथ-साथ जीआई-टैग्ड आइटम समेत खास प्रोडक्ट्स भी मिलेंगे। इस मॉल को कैपिटल खर्च के लिए राज्यों को स्पेशल असिस्टेंस स्कीम के तहत बनाया जाएगा, जो बेनिफिशियरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पांच दशकों से ज्यादा के लंबे रीपेमेंट पीरियड के साथ फंडिंग देती है। प्रस्तावित मॉल 1,200 स्क्वायर मीटर के एरिया में फैला होगा और इसमें कल्चरल एक्टिविटीज़, एग्जिबिशन, समिट्स, कॉन्फ्रेंस और फ़ूड कोर्ट जैसी मनोरंजन की जगहें शामिल होंगी।

इसलिए खास होगा यह मॉल
दिल्ली में प्रस्तावित पीएम यूनिटी (एकता) मॉल बनने से राजधानी को कई स्तरों पर लाभ मिलेगा। 
सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली को देशभर के हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय कलाओं का एक बड़ा राष्ट्रीय मंच मिल जाएगा। यहां विभिन्न राज्यों और जिलों के उत्पादों के लिए अलग-अलग स्टॉल बनाए जाएंगे, जिससे वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों को सीधे बाजार तक पहुंच मिलेगी। इससे राजधानी में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और पर्यटन को भी नई गति मिल सकती है। 
मॉल में फूड कोर्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थल, प्रदर्शनी क्षेत्र और सम्मेलन सुविधाएं होने से यह स्थान सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बन सकता है। 
देश-विदेश के पर्यटक यहां एक ही स्थान पर भारत के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और उत्पादों से परिचित हो सकेंगे। इसके अलावा मॉल के निर्माण और संचालन से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। 

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