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पिता की मौत के बाद अस्पताल से घर लौट रही युवती को ट्रक ने कुचला

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नई दिल्ली। जीबी पंत अस्पताल में पिता की मौत के बाद युवती पड़ोसी के साथ स्कूटी से घर लौट रही थी। मयूर विहार के चिल्ला गांव के पास अचानक स्पीड ब्रेकर पर स्कूटी का संतुलन बिगड़ने से युवती सड़क पर गिर गई। पीछे आ रहे एलपीजी सिलिंडरों से भरे ट्रक ने युवती के सिर को कुचल दिया। मौके पर ही स्वाति (26) की मौत हो गई। चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। एक ही दिन पिता-पुत्री की मौत से घर में मातम छा गया।
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पुलिस के मुताबिक स्वाति अपने परिवार के साथ राजबीर कॉलोनी, कोंडली में रहती थी। परिवार में मां मालती देवी, शादीशुदा बहन पूनम और छोटा भाई ललित (22) हैं। पिता बाबू लाल (60) घर के नीचे ही किराने की दुकान चलाते थे। ललित भी दुकान में पिता की मदद करता था। स्वाति ग्रेजुएशन करने के बाद घर पर ही रहती थी। करीब दो सप्ताह पूर्व बाबू लाल के दिमाग की नस फट गई थी। उनको जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया था। तबीयत बेहतर होने पर दो दिन पूर्व उनकी छुट्टी कर घर भेज दिया गया था। बृहस्पतिवार सुबह अचानक बाबू लाल की तबीयत बिगड़ने लगी। सांस लेने में तकलीफ होने पर परिजन उन्हें जीबी पंत अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान सुबह करीब 9:30 बजे बाबू लाल को मृत घोषित कर दिया गया।
परिजन शव ले जाने की औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गए। जबकि स्वाति पड़ोसी सोविंदर सिंह के साथ स्कूटी से घर के लिए निकल गई। करीब 10 बजे चिल्ला गांव के सामने स्पीड ब्रेकर पर स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया। सोविंदर और स्वाति स्कूटी समेत सड़क पर गिर गए। इस बीच पीछे से आ रहे एलपीजी के सिलिंडरों से भरे ट्रक ने स्वाति के सिर पर पहिया चढ़ा दिया। हादसे में सोविंदर बाल-बाल बच गया। जबकि स्वाति की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से हेलमेट बरामद नहीं हुआ है। आशंका है स्कूटी सवार दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। देर शाम आरोपी ट्रक चालक मदनपुर खादर निवासी जयनाथ मंडल (28) को गिरफ्तार कर लिया गया।
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एक ही दिन में दो मौतों से परिवार में मातम, परिजन बेहाल
राजबीर कॉलोनी के बी-ब्लॉक में दूर से ही रोने चीखने की आवाजें आ रही थी। पूरा मोहल्ला ही बाबू लाल के घर पर जुटा था। जिसने भी पिता-पुत्री की मौत के बारे में सुना वह खुद को रोक नहीं सका और सीधा बाबू लाल के घर पहुंच गया। स्वाति के रिश्ते के भाई प्रदीप कुमार ने बताया कि चंद ही दिनों पहले पूरा का पूरा परिवार हंसता-खेलता हुआ करता था। बाबू लाल शुगर के मरीज थे। उनकी पत्नी मालती भी बीमार रहती हैं। पहले पति और बाद में बेटी की मौत ने उनको गहरे सदमे में डाल दिया। मालती रोते-रोते बेहोश हो रही थीं। बड़ी बेटी पूनम का भी यही हाल था। गाजीपुर स्थित शमशान घाट में दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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