वैश्विक महामारी कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते बचाव की तैयारी भी शुरू हो गई है। आईआईटी दिल्ली राजधानी में ऑक्सीजन की मूलभूत आपूर्ति और प्रबंधन को लेकर दिल्ली सरकार के साथ मिलकर जरूरतों पर काम करेगा। आईआईटी दिल्ली के प्रो. संजय धीर का कहना है कि हमारा मकसद राजधानी में ऑक्सीजन के बुनियादी ढा़चे को दुरुस्त करना है, ताकि दूसरी लहर की तरह भविष्य में किसी की जान न जाने पाए। इसमें दिल्ली सरकार के साथ मिलकर बुनियादी ढांचे के रणनीतिक मुद्दों का विश्लेषण करके खाका तैयार कर रहे हैं।
इसके अलावा ऑक्सीजन प्रबंधन के लिए बनाए गए वर्तमान आईटी पोर्टल और डैशबोर्ड को बेहतर बनाने और इसे सुधारने के लिए तकनीकी समाधानों को एकीकृत करना भी शामिल है। इसको लेकर रिपोर्ट भी दिल्ली उच्च न्यायालय को सौंपी है। उन्होंने चिकित्सा ऑक्सीजन भंडारण, उत्पादन और वितरण को बढ़ाने और बनाने पर जोर दिया जाएगा।।
अदालत ने किया था सरकार से सवाल
इससे पहले उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को यह बताने के लिए कहा था कि आक्सीजन वितरण को लेकर आईआईटी दिल्ली द्वारा तैयार ब्लू प्रिंट को लागू करने के लिए सुझाए गए उपायों को कब तक लागू किया जाएगा। न्यायालय ने इसके लिए सरकार को 4 सप्ताह का वक्त दिया है।
जस्टिस विपिन सांघी और जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि चूंकि संक्रमण की दर कम हो रही है इसलिए हमें अभी आराम करने के मोड में नहीं आना चाहिए। पीठ ने कहा कि हमें अभी भविष्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए समुचित व त्वरित कदम उठाते रहने चाहिए। इस पर दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि हमारे में अधिकारी युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं और हम आराम के मोड में नहीं हैं।
पीठ के आदेश पर कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में आक्सीजन की कमी से राजधानी में किसी मरीज की मौत नहीं हो, इसके लिए आईआईटी दिल्ली ने सरकार के आग्रह पर ब्लू प्रिंट तैयार किया है। ब्लू प्रिंट उच्च न्यायालय में भी सरकार ने पेश किया।