राजधानी में दैनिक संक्रमितों में कमी आने के साथ ही अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या कम होने लगी है। इस समय दिल्ली के कोविड अस्पतालों में 78 फीसदी बेड खाली हैं। करीब दो माह बाद हालात इतने सुधरे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस का प्रसार अब थम गया है। जरूरी है कि लोग अब लापरवाही न बरतें और सभी सावधानियों का पालन करते रहें।
दिल्ली में मार्च के आखिरी सप्ताह में कोरोना की लहर शुरू हो गई थी।
12 अप्रैल तक अस्पतालों में 6 हजार से ज्यादा मरीज भर्ती हो गए थे। 22 अप्रैल के बाद हालात खराब होने लगे थे और भर्ती मरीजों की संख्या 19 हजार को पार कर गई थी। आलम यह था कि सभी बड़े सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड भर गए थे, लेकिन अब 19 हजार से ज्याद बेड खाली हैं। नए मरीजों की भर्ती भी काफी कम हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राजधानी में इस समय कोविड मरीजों के लिए 24,997 बेड हैं।
इनमें से 19,496 खाली हैं और 5501 पर मरीज भर्ती। इस लिहाज से देखें तो 78 फीसदी बेड खाली है। वहीं, आईसीयू बेड की बात करें तो कुल 6928 आईसीयू बेड में से 3046 पर मरीज भर्ती और 3882 खाली हैं। यानी, 55 फीसदी आईसीयू बेड भी खाली हो गए हैं। एक माह पहले तक गंभीर रोगियों को आईसीयू बेड के लिए भटकना पड़ रहा था। उसके हिसाब से अब हालात काफी बेहतर हैं।
एम्स के डॉक्टर युद्धवीर सिंह का कहना है कि अब अस्पताल में पहले के मुकाबले 10 फीसदी भी मरीज भर्ती नहीं हो रहे हैं। आईसीयू में ही मरीज भर्ती हैं। सामान्य बेड पर काफी कम रोगी हैं। नए दाखिले भी अब बहुत कम हो रहे हैं। इससे पता चलता है कि हालात काबू में हैं।
तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में 60 फीसदी आईसीयू बेड खाली
दिल्ली के बड़े सरकारी अस्पतालों में लोकनायक अस्पताल में 2000 बेड, जीटीबी में 1800 बेड और राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 650 बेड पर हैं। इन तीनों अस्पतालों में सिर्फ 650 मरीज भर्ती हैं और 3,800 बेड उपलब्ध हैं। आईसीयू बेड की बात करें तो इन अस्पतालों में 2,225 आईसीयू बेड में से 1,052 पर रोगी भर्ती है। यानी, करीब 60 फीसदी खाली हैं। लोकनायक अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि नए मामले घटने के साथ अस्पतालो में रोजाना भर्ती होने वाले संक्रमितों की संख्या भी घटने लगी है। पिछले 24 घंटे में सिर्फ 7 मरीज भर्ती हुए हैं, जबकि 44 को छुट्टी दी गई है।
निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे गंभीर मरीज
राजधानी में इस समय अधिकतर गंभीर मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। दिल्ली कोविड एप के मुताबिक, अपोलो अस्पताल में आईसीयू के 100 बेड में से एक भी खाली नहीं है। मैक्स (शालीमार बाग) में 93 बेड में से सिर्फ 33 खाली हैं। इसी प्रकार शालीमार बाग के फोर्टिस अस्पताल में भी 60 में से सिर्फ 13 आईसीयू बेड खाली हैं। इसका कारण यह है कि गंभीर स्थिति में मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। इनमें से करीब 30 फीसदी मरीज दिल्ली से बाहर के भी है।
ऐसे खाली हुए बिस्तर
तारीख बेड
29 अप्रैल 1443
04 मई 1462
08 2541
12 4469
16 7895
20 11962
24 14456
29 19,469
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।