मदनलाल गुर्जर, नर्सिंग ऑफिसर, एम्स
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मेरी ड्यूटी एम्स के आपातकालीन विभाग में है। जब से देश में कोरोना के मामले आए हैं। जिम्मेदारी और बढ़ गई है। यहां अधिकतर दुर्घटना वाले मामले आते हैं। ऐसे में हमारी पहली प्राथमिकता वार्ड में आए मरीज की जान बचाने की होती है।
ऐसे में यह डर भी बना रहता है कि मरीज को कोरोना तो नहीं है। इसलिए एहतियात के तौर पर सर्जरी से पहले उसकी स्क्रीनिंग की जाती है। इसके बाद उसकी कोरोना जांच भी करते हैं। कई ऐसे भी मामले हुए हैं कि आपातकालीन वार्ड में भर्ती मरीज की कोरोना जांच पॉजिटिव आई है।
इसलिए वार्ड में हमेशा पीपीई किट पहन के रखता हूं। पिछले एक महीने से घर नहीं जा सका हूं। अस्पताल के सामने ही कमरा किराए पर ले रखा है। सात दिन ड्यूटी करता हूं। उसके बाद 14 दिनों के लिए क्वारंटीन होना होता है।
खुद को मानसिक तौर पर मजबूत रखना इस समय सबसे बड़ी चुनौती है। इसलिए समय निकालकर योग, प्रणायाम भी करता हूं। कोरोना के कारण देश संकट में है। अब देश सेवा का मौका मिला है। इसलिए पूरी शिद्दत के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहा हूं।
रोजाना घर वालों से फोन पर बात होती है। वे हमेशा चिंता में रहते हैं। इस वक्त जैसे देश की सीमा पर जवान तैनात है। वैसे ही हम भी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। उम्मीद है जल्द ही संकट का समय गुजर जाएगा।