नॉर्थ एवेन्यू थाने में तैनात 24 साल की महिला सिपाही पूजा की लॉकडाउन के बाद से ही आरएमएल अस्पताल के कोरोना वार्ड में ड्यूटी है। दिन या रात के समय 12-12 घंटे की ड्यूटी कर पूजा कोरोना को हराने में अपना फर्ज निभा रही हैं।
जिस वार्ड में उसकी ड्यूटी है, वहां कोरोना के संदिग्ध मरीज न सिर्फ जांच कराने पहुंचते हैं, बल्कि कोरोना लक्षण वाले मरीजों को यहां भर्ती भी किया जाता है। पूजा गर्व से बताती हैं कि ड्यूटी के दौरान उन्हें डर तो लगता है, लेकिन देश के लिए शायद ऐसा मौका दोबारा न मिले।
मूलरूप से बुलंदशहर के शिकारपुर की रहने वाली पूजा ने बताया कि वह परिवार के साथ शिव विहार, करावल नगर इलाके में रहती हैं। माता-पिता के अलावा परिवार में पांच भाई-बहन हैं। पिता ऑटो चालक हैं।
परिवार को जब पता चला कि बेटी की ड्यूटी कोरोना वार्ड में लगा दी है तो वे काफी घबरा गए, लेकिन पूरे परिवार को हिम्मत देते हुए उन्हें न डरने के लिए कहा। अस्पताल पहुंचने के बाद पीपीई सूट पहनकर लगातार 12 घंटे ड्यूटी करती हैं।
इसके बाद घर पहुंचती हैं तो पहले ही मां उसके लिए ग्राउंड फ्लोर पर बने बाथरूम में पानी गर्म रख देती हैं। नहाने और कपड़े थाने के बाद वह ग्राउंड फ्लोर पर बने अपने अलग कमरे में चली जाती हैं। मां बाहर से खाना देती है।
पूजा बताती हैं कि जब से उसने कोरोना वार्ड में ड्यूटी शुरू की है वह परिवार के लोगों से भी नहीं मिली है। घर में दूर से ही भाई-बहनों, माता-पिता व बहन के बच्चों से बात करती हैं।