करीब 20 साल पहले बना मकान काफी जर्जर हो चुका था। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर सुलेमान अपना स्क्रेप का काम करता है जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर इनकी रिहायश थी। शनिवार देर रात को खाना खाने के बाद परिवार के सभी लोग पहली और दूसरी मंजिल पर सोने चले गए। सूफियान ग्राउंड फ्लोर पर डले लकड़ी के तख्त पर सो रहा था। रविवार तड़के अचानक करीब 4.45 बजे मकान का अगला हिस्सा एक तेज आवाज के साथ गिर गया। इसके साथ ही घर में चीख-पुकार मच गई।
आवाज सुनकर पड़ोसी मदद को भागे। सुलेमान के मकान की सामने वाली दीवार ज्यों की त्यों खड़ी थी। अंदर का हिस्सा आधे से ज्यादा गिरा हुआ था। करीब 5.00 बजे पुलिस को खबर दी गई। इस बीच बचाव दल भी वहां पहुंच गया। फौरन सुलेमान, उसकी पत्नी शबनम, बेटियों शबनूर, लायबा और बेटे फैजान और अर्शियान को मलबे से निकाल कर अस्पताल भेजा गया। शबनम और लायबा को छोड़कर सभी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इस बीच बचाव कार्य जारी रहा।
सुबह करीब 7.00 बजे किसी तरह मलबे में दबे सूफियान को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने उसका शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस का कहना है कि मकान जर्जर होने की वजह से गिरा। पुलिस ने इस संबंध में लापरवाही का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।