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Delhi House Collapse: दयालपुर में भरभराकर गिरा जर्जर मकान का बड़ा हिस्सा, सात दबे, एक की मौत

Sun, 24 Jul 2022 12:14 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

करीब 20 साल पहले बना मकान काफी जर्जर हो चुका था। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर सुलेमान अपना स्क्रेप का काम करता है जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर इनकी रिहायश थी। रविवार तड़के करीब 4.45 बजे मकान का अगला हिस्सा तेज आवाज के साथ गिर गया।
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घटनास्थल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर स्थित बाबू नगर में रविवार तड़के एक जर्जर मकान का बड़ा हिस्सा जमींदोज हो गया। हादसे में एक ही परिवार के सात लोग मलबे में दब गए। तेज आवाज से पड़ोसियों की नींद खुली तो वह बाहर की ओर भागे।

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शुरुआत में पड़ोसियों ने ही बचाव कार्य शुरू कर मामले की सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी। खबर मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की तीन गाड़ियां, एंबुलेंस, आपदा प्रबंधन, नगर निगम समेत बचाव दल की बाकी टीमें मौके पर पहुंचीं। मोहम्मद सुलेमान (45), उसकी पत्नी व चार बच्चों को हादसे के कुछ ही देर बाद मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं मलबे में दबे सुलेमान के बड़े बेटे सूफियान (20) को करीब दो घंटे बाद निकालकर जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। दयालपुर थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से मेरठ के जाकिर कॉलोनी निवासी मोहम्मद सुलेमान अपने परिवार के साथ पिछले चार सालों से किराए के मकान में गली नंबर-5, बाबू नगर, मुस्तफाबाद में रहता था। इसके परिवार में पत्नी शबनम (42), इसकी दो बेटियां शबनूर (22), लायबा (21), सूफियान (20), फैजान (17) और अर्शियान (15) थे। सुलेमान ने शमीम अहमद नामक व्यक्ति से चार साल पहले पूरा मकान ही किराए पर लिया हुआ था। मकान ग्राउंड फ्लोर के अलावा दो मंजिल बना था। उसकी दोनों ही छतें गाटर-पटिया की बनी हुई थीं।

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करीब 20 साल पहले बना मकान काफी जर्जर हो चुका था। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर सुलेमान अपना स्क्रेप का काम करता है जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर इनकी रिहायश थी। शनिवार देर रात को खाना खाने के बाद परिवार के सभी लोग पहली और दूसरी मंजिल पर सोने चले गए। सूफियान ग्राउंड फ्लोर पर डले लकड़ी के तख्त पर सो रहा था। रविवार तड़के अचानक करीब 4.45 बजे मकान का अगला हिस्सा एक तेज आवाज के साथ गिर गया। इसके साथ ही घर में चीख-पुकार मच गई।

आवाज सुनकर पड़ोसी मदद को भागे। सुलेमान के मकान की सामने वाली दीवार ज्यों की त्यों खड़ी थी। अंदर का हिस्सा आधे से ज्यादा गिरा हुआ था। करीब 5.00 बजे पुलिस को खबर दी गई। इस बीच बचाव दल भी वहां पहुंच गया। फौरन सुलेमान, उसकी पत्नी शबनम, बेटियों शबनूर, लायबा और बेटे फैजान और अर्शियान को मलबे से निकाल कर अस्पताल भेजा गया। शबनम और लायबा को छोड़कर सभी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इस बीच बचाव कार्य जारी रहा।

सुबह करीब 7.00 बजे किसी तरह मलबे में दबे सूफियान को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने उसका शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस का कहना है कि मकान जर्जर होने की वजह से गिरा। पुलिस ने इस संबंध में लापरवाही का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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