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Delhi News: दिल्ली में अस्पताल कर्मियों की रैली, सरकार से लगाई गुहार

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दिल्ली में अस्पताल कर्मियों ने निकानी रैली, लगाई गुहार
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50 फीसदी महंगाई भत्ता मूल वेतन में जोड़ने और एचपीसीए/पीसीए व यूनिफॉर्म भत्ते में 25 फीसदी की वृद्धि की मांग



अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। नेशनल पब्लिक हेल्थ एलायंस (एनपीएचए) की अपील पर मंगलवार को दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों के सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर समता स्थल पर रैली की। रैली में जीबी. पंत, लोक नायक, अरुण आसफ अली, लाल बहादुर शास्त्री, बाबू जगजीवन राम, जीटीबी और केंद्र के कलावती अस्पताल के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारी पोस्टर-बैनर लेकर शांतिपूर्वक अपनी मांगों को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने के लिए एकत्र हुए। रैली को संबोधित करते हुए एनपीएचए दिल्ली के अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि अस्पतालों में कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्यायपूर्ण व्यवहार, श्रम कानूनों में बदलाव और मांगों की अनदेखी से कर्मचारी नाराज हैं। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की।
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एनपीएचए ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर जनवरी से नवंबर 2025 के बीच कई बार सरकार को पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सातवें वेतन आयोग के अनुसार 50 फीसदी महंगाई भत्ता मूल वेतन में जोड़ा जाए और एचपीसीए/पीसीए व यूनिफॉर्म भत्ते में 25 फीसदी की वृद्धि की जाए। साथ ही, चारों लेबर कोड रद्द किए जाएं और फिक्स टर्म अपॉइंटमेंट बंद हो। यही नहीं, अस्पतालों के निजीकरण और पीपीपी नीति पर रोक लगे। वहीं, अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित किया जाए और खाली पदों पर भर्ती हो। इसके अलावा, सभी को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी जाए और सीजीएचएस/डीजीएचएस सेवाओं को बीमा कंपनियों को देने पर रोक लगे। कुमार ने बताया कि एनपीएस खत्म कर ओपीएस लागू किया जाए। इसके अलावा, किसी भी स्वास्थ्य संस्थान को ऑटोनोमस बॉडी के अधीन न किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो दिल्ली के सभी अस्पतालों के कर्मचारी बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे।
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सिमरन
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