संसद मार्च में ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मियों का सम्मान
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ सैयद रिजवान अहमद ने सुरक्षाकर्मियों के काम की सराहना की। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मी अक्सर त्योहार, बारिश, गर्मी और तनावपूर्ण परिस्थितियों की परवाह किए बिना ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।
उनके मुताबिक, भीड़ और तनावपूर्ण स्थिति के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखना आसान काम नहीं है। ऐसे समय में पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
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आयोजकों के अनुसार, संसद मार्च के दौरान बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और आरएएफ के जवानों की तैनाती की गई थी। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और संसद की ओर बढ़ने से रोकने के दौरान कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। इस दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इनमें कई जवानों को चोटें आईं और उन्हें उपचार कराना पड़ा।
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कार्यक्रम में सहारनपुर निवासी सुशील कुमार के परिवार का भी जिक्र किया गया। सुशील कुमार की बहू दिल्ली पुलिस में सिपाही हैं और संसद मार्च की ड्यूटी के दौरान उन्हें भी चोट आई थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी ड्यूटी निभाई। कार्यक्रम में ऐसे ही पुलिसकर्मियों के साहस को याद करते हुए उनके योगदान को सम्मान दिया गया।
संसद मार्च में ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मियों का सम्मान
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कार्यक्रम के दौरान पुलिस के समर्थन में आए लोगों ने सुरक्षाकर्मियों के प्रति सम्मान और आभार जताया गया। उनके अनुसार, कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और सुरक्षा बलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रमों से ड्यूटी के दौरान चोटिल हुए जवानों का हौसला बढ़ता है और समाज में उनके प्रति सम्मान का संदेश जाता है।