दिल्ली में बेकाबू कोरोना के मरीजों की संख्या दिनबदिन बढ़ती जा रही है। कोराना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मंदिरों ने समझदारी और अधिक सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस बार सामाजिक दूरी का पालन करते हुए केवल फूलों की होली खेलने का निर्णय लिया है। कई बड़े मंदिरों ने तो होली का कार्यक्रम ही बदल दिया है। जल्द ही वह तय करेंगे कि इस बार होली कैसे मनाएंगे।
आईएसबीटी प्राचीन हनुमान मंदिर के महंत गोपाल स्वामी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए होली मनाने के तय कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि 28 और 29 मार्च को मंदिर परिसर में सामाजिक दूरी के नियम का गंभीरता से पालन करते हुए होली उत्सव आयोजित किया जाएगा। मंदिर परिसर में अबीर, गुलाल का इस्तेमाल नहीं होगा, केवल फूलों की होली खेली जाएगी। मुखर्जी नगर शक्ति मंदिर के संरक्षक संतोष पाठक ने बताया इस बार होली पर प्रसाद और भोग का भी वितरण नहीं होगा। होली की शाम मंदिर केवल दर्शन के लिए खुलेगा। केवल फूलों की होली खेली जा सकेगी।
कनॉट प्लेस प्राचीन हनुमान मंदिर में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। पंडित सुरेश शर्मा ने बताया कि 24 मार्च को केवल दूरी बनाकर, हाथ जोड़कर होली मनाई जाएगी। अबीर, गुलाल, फूल का इस्तेमाल नहीं होगा। जल्द ही दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नियम निर्धारित किए जाएंगे।
झंडेवालान मंदिर प्रशासन प्रमुख रवींद्र गोयल ने बताया कि कोरोना के चलते शहर के हालात बदल चुके हैं, उसे ध्यान में रखते हुए और सरकार के निर्देशों का भी पालन करते हुए हम केवल सुरक्षित होली का उत्सव मनाएंगे। अगले दो दिन के भीतर इसका निर्णय लिया जाएगा। छतरपुर आद्य कत्यायनी मंदिर प्रशासन से एम. के सेठी ने बताया कि यहां पर होली का उत्सव नहीं मनाया जाएगा।