उतर दिल्ली नगर निगम के सबसे बड़े हिंदूराव अस्पताल मंगलवार से कोविड अस्पताल के रूप में कार्य करेगा। इसको लेकर प्रशासन में पूरी तैयारी कर ली है। दरअसल, रविवार को दिल्ली सरकार द्वारा हिंदूराव अस्पताल को कोविड अस्पताल घोषित किया गया था। गौरतलब है कि से पहले सरकार ने लोकनायक अस्पताल में दो हजार बिस्तर और जीटीबी अस्पताल में 1500 बिस्तर की व्यवस्था के साथ उन्हें कोविड अस्पताल घोषित कर रखा है। हिंदूराव अस्पताल में 943 बेड, 17 वेंटिलेटर, आठ आईसीयू और चार एचडीयू बेड है। इसके अलावा 250 बेड ऑक्सीजन युक्त है।
अस्पताल के डॉक्टरों की नहीं हो रही कोरोना जांच
हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों को कोरोना जांच के लिए न का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि, हिंदूराव में पहले से ही पुराने सैंपल की संख्या ज्यादा है इस वजह से नए सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर में कोरोना के लक्षण हुए। ऐसे में प्रशासन द्वारा उन्हें कहा गया कि जल्दी कोरोना की जांच करा लें नहीं तो ड्यूटी पर न आने पर वेतन काटा जाएगा। जब अस्पताल के डॉक्टर हिंदूराव अस्पताल में कोरोना जांच के लिए पहुंचे तो उनका सैंपल लेने से मना कर दिया।
इसका कारण बताया गया कि पहले से यहां पर सैम्पलों की संख्या अधिक है इस वजह से नए सैंपल नहीं लिया जा सकते। इसको देखते हुए डॉक्टर ने एक निजी अस्पताल में कोरोना का टेस्ट कराया। दरअसल, अस्पताल में सैंपल लेने की व्यवस्था है इसको जांच के लिए सेना के रिसर्च एवं रेफरल अस्पताल में भेजा जाता है, लेकिन वहां पहले से ही कोटा पूरा है इसलिए नए सैंपल को रोका जा रहा है।