नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अवमानना याचिका पर दिल्ली पुलिस आयुक्त, एसीपी कालकाजी और इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (स्पेशल स्टाफ) से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप है कि अदालत के पहले के निर्देश का पालन नहीं किया गया, जिसमें एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक या विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया गया था।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की एकल पीठ ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के अंदर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामला 2024 में दायर एक रिट याचिका से जुड़ा है, जिसमें एक एफआईआर रद्द करने की मांग की गई थी। उस सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को एक इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया था। आरोप था कि अधिकारी ने नौ साल तक जांच पूरी नहीं की और कार्यवाही के दौरान जांच की स्थिति रिपोर्ट भी दाखिल नहीं की। अदालत ने अधिकारी के आचरण पर टिप्पणी करते हुए दिल्ली पुलिस और संबंधित एसीपी को विभागीय जांच शुरू करने का आदेश दिया था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता उज्वल घई ने कहा कि बाद में हाईकोर्ट ने एफआईआर तो रद्द कर दी, लेकिन अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई संबंधी निर्देशों का पालन नहीं किया गया। ब्यूरो