उच्च न्यायालय ने उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के एक मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने पुलिस को मामले में अपना पक्ष रखते हुए मामले की सुनवाई छह अगस्त सुनवाई न्यायमूर्ति योगेश खन्ना के समक्ष स्थानातंरित कर दी। न्यायमूर्ति खन्ना दंगो से जुड़े अन्य मामलों में हुसैन की अन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे हैं।
आरोपी हुसैन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मोहित माथुर ने अदालत को बताया कि वर्तमान मामले में दर्ज प्राथमिकी के अलावा उनके मुवक्किल के खिलाफ एक अन्य प्राथमिकी दयालपुर थाने में दर्ज हैं। माथुर ने अदालत से आग्रह किया कि इस याचिका को भी अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ा जाए जो न्यायमूर्ति खन्ना के समक्ष लंबित हैं।
इस प्राथमिकी में हुसैन पर दयालपुर इलाके में दंगा करने और सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने के आरोप हैं।
संशोधित नागरिकता कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच 24 फरवरी को उत्तरपूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा ने सांप्रदायिक झड़पों का रूप ले लिया था। उसमें कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी व सैंकडो लोग घायल हो गए थे।