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हाईकोर्ट ने दी नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात की अनुमति

Thu, 13 Aug 2020 06:36 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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delhi high court
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हाईकोर्ट ने 16 वर्षीय नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की खराब मानसिक स्थिति को देखते हुए उसके 22 सप्ताह के भ्रूण के गर्भपात की अनुमति दी है। हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया है।

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न्यायमूर्ति विभू बाखरू की एकल पीठ ने मेडिकल बोर्ड की ओर दी गई रिपोर्ट में संज्ञान लेते हुए कहा पीड़िता गर्भ को आगे भी धारण किए रहती है तो उसकी मानसिक स्थिति के कारण उसके लिए भारी परेशानी हो सकती है। पीठ ने उस तथ्य पर भी गौर किया कि पीड़िता को दौरे पड़ते हैं जिससे वह बेहोश हो जाती है। पीठ ने कहा कि अगर गर्भावस्था के दौरान ऐसा होता है तो पीड़िता की जान को खतरा हो सकता है।

याचिका में कोर्ट से आग्रह किया गया कि पीड़िता के 22 सप्ताह के भ्रूण का गर्भपात की अनुमति दी जाए। याचिका में पीड़िता की खराब मानसिक स्थिति के संबंध में राम मनोहर लोहिया अस्पताल द्वारा दी गई मेडिकल रिपोर्ट भी दी। कोर्ट ने आरएमएल अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा खुद से मेडिकल बोर्ड बनाकर पीड़िता के भ्रूण को लेकर लिए गए निर्णय की सराहना की।
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पीड़िता की ओर से वकील अवनेश मुधकर और प्राची निर्वाण ने कोर्ट से कहा कि पीड़िता को करीब पिछले डेढ़ साल से अचानक दौरे पड़ने की बीमारी है। वह अक्सर दौरे पड़ने के कारण गिर जाती है। उन्होंने कहा कि पीड़िता पंजाबी बाग इलाके की झुग्गियों में रहती है। उन्होंने दावा किया कि घटना से पहले पीड़िता अपनी झुग्गी के पीछे वाले एरिया की सफाई कर रही थी, और उसी दौरान वह दौरा पड़ने से बेहोश हो गई।

जब पीड़िता को होश आया तो उसने देखा कि उसके पास एक शख्स खड़ा था और उसे लगा कि उसके साथ कुछ हुआ है। पीड़िता की तबीयत बाद में खराब हुई तो उसे पता लगा कि वह गर्भ से है। इसके बाद पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस से की।

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