अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आतंकवाद रोधी कानून (यूएपीए) के तहत आरोपी मोहम्मद साकिब उर्फ साकिब इफ्तेखार को जमानत दे दी है। वह पिछले लगभग आठ वर्षों से हिरासत में था। अदालत ने यह देखते हुए राहत दी कि मुकदमे के जल्दी खत्म होने की संभावना नहीं है।
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने साकिब को 50,000 रुपये के बॉन्ड और दो जमानतदारों के साथ जमानत देने का आदेश दिया। साकिब को 2018 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि वह आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से प्रेरित समूह हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम का सदस्य है और उसने जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों का समर्थन किया । पीठ ने कहा, अपीलकर्ता दिसंबर 2018 से हिरासत में है और लगभग आठ साल जेल में रह चुका है। अभियोजन पक्ष के 120 गवाहों में से अब तक केवल 40 के बयान दर्ज हुए हैं। एनआईए के विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि वह 39 गवाहों को छोड़ देगा। फिर भी, मुकदमा जल्दी खत्म होने की संभावना नहीं है।अदालत ने गवाहों के बयानों और आरोपों पर विचार करने के बाद, विशेष रूप से लंबी हिरासत अवधि को देखते हुए पाया कि साकिब जमानत के लिए मामला बनाने में सफल रहा है । साकिब ने पटियाला हाउस कोर्ट के 27 मई 2024 के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी ।