जस्टिस योगेश खन्ना ने रुजिरा बनर्जी को फिजकली पेशी से कुछ समय के लिए छूट दे दी है। प्रवर्तन निदेशालय का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से दशहरा अवकाश के बाद सुनवाई के लिए उनकी याचिका पर विचार करने का आग्रह किया।
उच्च न्यायालय ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजीरा को राहत प्रदान कर दी। अदालत ने उन्हें निचली अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेशी से छूट प्रदान कर दी। निचली अदालत ने हाल ही में उनके पेश न होने पर कड़ी फटकार लगाई थी।
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रुजीरा बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में एक कथित कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में निचली अदालत में प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसके बाद याची ने व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी करने को भी चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान ईडी की और से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह इस बात पर जोर नहीं देंगे कि रुजीरा बनर्जी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना चाहिए। उन्होंने कहा याची की और से उनका वकील पेश हो सकता है। रुजीरा को 12 अक्टूबर को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश होना है।
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न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने उनके तर्क को स्वीकार करते हुए याची को तय सुनवाई में अपने वकील के जरिए हाजिरी लगवाने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 29 नवंबर तय की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी भी कोयला तस्करी मामले में जांच के घेरे में हैं। ईडी ने उनसे भी पूछताछ की है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि ईडी ने उन्हें और उनकी पत्नी को ईसीआईआर (एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) की एक प्रति की आपूर्ति किए बिना और न ही उन्हें गवाह या आरोपी के रूप में बुलाया जा रहा है, न ही जांच के दायरे का संकेत दिए बिना दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से जांच के लिए बुलाया है। चूंकि वे कोलकाता के निवासी हैं, उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में जांच में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।