दिल्ली में सर्द तापमान के बावजूद किसान सीमाओं पर डटे हुए हैं। यहां किसान अपने-अपने तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। कृषि कानूनों का वरोध कर रहे विकास यादव सिंघु बॉर्डर पर बिना कपड़ों के प्रदर्शन कर रहे हैं। विकास ने अपने शरीर पर झंडे को चित्रित किया हुआ है।
विकास उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों का विरोध करने आए हुए हैं। उन्होंने अपनी बाहों और चेहरे पर नारे लिखे हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि इससे सरकार का ध्यान प्रदर्शन की ओर आकर्षित होगा। विकास यादव एक सप्ताह से प्रदर्शन में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कोई हमारी बात नहीं सुन रहा है। हम सड़क पर रह रहे हैं। लेकिन कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। शायद अब वे हमारी ओर ध्यान दें।
उन्होंने एक हफ्ते तक चुपचाप विरोध किया और चीजों को बदलने की उम्मीद की। लेकिन सरकार की निष्क्रियता से निराश होने के बाद, उन्होंने अपने शरीर को रंगवाने का फैसला किया और 200 रुपये का भुगतान किया। उनके लिए उनके शरीर को चित्रित करना किसानों की एकता और शक्ति का प्रदर्शन करना है।
विकास ने कहा कि सरकार हमें नजरअंदाज कर रही है। मैं एक हफ्ते पहले यहां आया था और कुछ भी नहीं बदला है। वे इस ठंड में किसानों के सड़क पर होने की परवाह नहीं कर रहे। वे हमारे मरने पर भी परवाह नहीं करेंगे।
यादव ने कहा कि मैंने सरकार को यह दिखाने के लिए किया है हम किसी चीज से नहीं डरते। उन्होंने कहा कि वे अपने शरीर पर रोजाना नए नारे लिखते रहेंगे जब तक कि सरकार किसानों की मांगों को पूरा नहीं करती।
उनसे जब पूछा गया कि क्या वे ठंड से परेशान हो रहे हैं? तो विकास ने कहा कि ठंड हमारी लड़ाई की तुलना में कुछ नहीं है। मैं यह अपने और किसान भाइयों के लिए कर रहा हूं।