लगातार हो रही बारिश के बाद जलभराव की आशंका को देखते हुए बजघेड़ा अंडरपास को एहतियातन बंद कर दिया गया। अंडरपास में पानी प्रवेश न कर सके, इसके लिए दोनों ओर मिट्टी से भरे कट्टे लगाए गए हैं। साथ ही यातायात को सुरक्षित बनाए रखने के लिए वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।
हालांकि लगातार वर्षा के दौरान यातायात पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों ने पूरी मुस्तैदी के साथ विभिन्न प्रमुख यातायात बिंदुओं पर ड्यूटी करते हुए शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। यातायात पुलिस द्वारा एनएच-48, द्वारका एक्सप्रेसवे, सोहना रोड, गोल्फ कोर्स रोड, एमजी रोड, इफको चौक, शंकर चौक सहित अन्य महत्वपूर्ण चौराहों और जलभराव संभावित स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई।
बारिश के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस कर्मियों ने मौके पर मौजूद रहकर वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित कराया तथा आवश्यकतानुसार यातायात का संचालन किया। यातायात पुलिस के कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरों और फील्ड स्टाफ के माध्यम से पूरे शहर की यातायात स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। जहां भी यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना बनी, वहां तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल भेजकर स्थिति को सामान्य किया गया, जिससे आमजन को अनावश्यक जाम का सामना नहीं करना पड़ा।
जिला प्रशासन की तीन अगस्त सुबह आठ बजे से चार अगस्त सुबह आठ बजे तक की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, सोहना तहसील में सबसे अधिक 23 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा गुरुग्राम और पटौदी तहसील में 15-15 मिमी, वजीराबाद में 7 मिमी, कादीपुर और हरसरू में 6-6 मिमी, जबकि मानेसर और फर्रुखनगर में 4-4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। बादशाहपुर में सबसे कम 2 मिमी बारिश हुई।
बारिश के दौरान शहर के कुछ निचले हिस्सों और संवेदनशील स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी, लेकिन संबंधित एजेंसियों की टीमें पंपिंग सेट और अन्य संसाधनों के साथ मौके पर मौजूद रहीं। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस से राहत मिली। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है।