चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, अधिकांश जानवरों को देश के विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ आदान-प्रदान (एक्सचेंज) कार्यक्रम के माध्यम से लाया जाएगा। इसके लिए संभावित साझेदार चिड़ियाघरों की सूची भी तैयार कर ली गई है। योजना में स्तनधारी, पक्षी, सरीसृप, कीट-पतंगे और अन्य वन्यजीव शामिल हैं, जिनकी मौजूदगी अभी चिड़ियाघर में नहीं है या बेहद सीमित है।
तीन साल में चिड़ियाघर में वन्यजीवों
दरअसल, बीते तीन साल में चिड़ियाघर में वन्यजीवों की प्रजातियां 99 से घटकर 92 रह गई हैं, जबकि कुल जानवरों की संख्या भी घटकर 1,255 तक पहुंच गई है। कई लोकप्रिय प्रजातियां अब यहां नहीं हैं। वर्ष 2019 में आखिरी चिंपांजी की मौत के बाद यह प्रजाति पूरी तरह समाप्त हो गई, जबकि 2014 से जिराफ और 2013 से जेबरा भी चिड़ियाघर का हिस्सा नहीं हैं। अफ्रीकी हाथियों की अनुपस्थिति भी लंबे समय से महसूस की जा रही है।